ग्वालियर में विशेष न्यायालय ने कट्टा दिखाकर मोबाइल लूटने का प्रयास करने वाले आरोपी अरुण उर्फ अर्जुन तोमर को दोषी ठहराया है। विशेष न्यायाधीश (मप्र डकैती एवं व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) रूपेश नाइक की अदालत ने आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक सचिन अग्रवाल ने बताया कि यह घटना 1 मार्च 2021 की शाम करीब 5 बजे की है। फरियादी शुभम पाल कॉलेज से घर लौट रहा था, तभी बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित मौनी बाबा मंदिर के पास आरोपी अरुण उर्फ अर्जुन तोमर ने अपने दो अन्य साथियों के साथ उसे रोक लिया। बदमाशों ने शुभम को पकड़कर उस पर 315 बोर का देशी कट्टा तान दिया। आरोपियों ने शुभम का मोबाइल और पर्स छीनने का प्रयास किया। शुभम के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तीनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान एक आरोपी से देशी कट्टा और जिंदा कारतूस भी जब्त किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों के बयान दर्ज कराए। न्यायालय ने गवाहों के बयानों और जब्त किए गए साक्ष्यों को विश्वसनीय पाया। अदालत ने माना कि आरोपी ने हथियार के बल पर लूट का प्रयास किया, जो एक गंभीर अपराध है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धारा 393 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके अतिरिक्त, धारा 397 भादंसं के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। आरोपी को सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल ग्वालियर भेजा जाएगा।


