झाबुआ जिले के झकनावदा में 3 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से बनी डबल पट्टी सीसी सड़क पर स्पीड ब्रेकर न होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लोक निर्माण विभाग पेटलावद की ओर से मधु कन्या नदी के पुल से श्रृंगेश्वर बाईपास तक निर्मित यह सड़क अब क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस सड़क के किनारे ग्राम पंचायत कार्यालय, हायर सेकेंडरी स्कूल और बालक प्राथमिक स्कूल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे और विद्यार्थी यहां से गुजरते हैं। रिहायशी इलाका होने के कारण बच्चे अक्सर सड़क के किनारे खेलते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के कारण छोटी-मोटी दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। एक साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने नहीं सुधरवाया प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनने वाली ग्रामीण सड़कों पर भी सुरक्षा मानकों के तहत गति अवरोधक बनाए जाते हैं। हालांकि, झकनावदा की इस मुख्य सड़क के निर्माण को एक साल बीत जाने के बाद भी संबंधित विभाग ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों ने 25 फरवरी 2025 को रायपुरिया थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त की थी। थाना प्रभारी ने सड़क सुरक्षा समिति को प्रतिवेदन भेजने का आश्वासन दिया था। तेज रफ्तार पर रोक के लिए स्पीड ब्रेकर की मांग वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता अजय व्होरा ने कहा कि वाहनों की तेज रफ्तार किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए तत्काल गति अवरोधक बनाना अनिवार्य है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला मंत्री अभय जैन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीण अम्बाराम मेडा सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर बनाने और संभावित हादसों को रोकने की मांग की है।


