ज्ञानी हरप्रीत ने एसजीपीसी वाइस-प्रेसीडेंट पर लगाए आरोप:घोटालों की जांच की रखी मांग; कहा- प्रधान धामी ने दबाव में आकर दिया इस्तीफा

तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। ये विचार उन्होंने चीफ खालसा दीवान में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान धामी पर दबाव बनाया जा रहा था। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जब SGPC प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफे की घोषणा की, तब उनके चेहरे के हाव-भाव से लग रहा था कि उन पर किसी प्रकार का दबाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कुछ केवल बादल परिवार को बचाने के लिए किया जा रहा है। वहीं, इस प्रेसवार्ता में उन्होंने एसजीपीसी के वाइस प्रेसिडेंट रघुजीत सिंह विर्क पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। रघुजीत सिंह विर्क पर लगाए घोटाले के आरोप ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि SGPC यदि जांच कराने की बात कर रही है, तो सबसे पहले रघुजीत सिंह विर्क की जांच होनी चाहिए, जिन्होंने सारागढ़ी सराय और लंगर हॉल में करोड़ों रुपए के घोटाले किए हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि रघुजीत सिंह विर्क ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को कुरुक्षेत्र में रघुजीत सिंह विर्क की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। SGPC में नियम बनाने की मांग उन्होंने कहा कि पूर्व जत्थेदार वेदांती जी ने भी अपने कार्यकाल के दौरान SGPC को लिखित रूप में सुझाव दिया था कि सिंह साहिबानों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति के लिए नियम बनाए जाने चाहिए। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने कार्यकाल में भी इस मुद्दे पर SGPC को रिमाइंडर भेजे थे। उन्होंने SGPC प्रधान और सात सदस्यीय कमेटी के इस्तीफे पर कहा कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब ने जो सेवा उनकी झोली में डाली थी, उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाना चाहिए था।

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