बरनाला के ठीकरीवाला गांव में एक पंचायत सदस्य की पत्नी ने आत्महत्या का प्रयास किया। महिला ने यह कदम जमीन विवाद में सुनवाई न होने के विरोध में उठाया। उसे गंभीर हालत में बरनाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस घटना को ‘स्टंट’ करार दिया है। आत्महत्या का प्रयास करने वाली करमजीत कौर ने बताया कि उनके पति मनप्रीत सिंह पंचायत सदस्य हैं। उनका गांव के अजायब सिंह और नायब सिंह के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। करमजीत कौर के अनुसार, इस मामले में उनके पति के खिलाफ चोरी का झूठा मामला दर्ज कर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। करमजीत कौर ने आरोप लगाया कि विरोधी परिवार ने उन्हें और उनके बच्चों को परेशान किया और मारपीट भी की। करमजीत कौर ने कहा कि पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और न ही उनका बयान दर्ज किया, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिला। महिला के परिवार वालों ने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया है। अस्पताल में करमजीत कौर की हालत गंभीर बताई जा रही है।वहीं, सदर बरनाला थाने की पुलिस ने इस पूरे मामले को केवल एक ‘स्टंट’ बताया है। सुरजीत बोले- चोरी के झूठे केस में मेरे भाई को बंद करवा दिया
इस मौके पर सुसाइड की कोशिश करने वाली महिला के परिवार के सदस्य सुरजीत सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले हमारा नायब सिंह और अजायब सिंह के साथ घर के मामले को लेकर झगड़ा चल रहा था। इस बारे में हम पुलिस स्टेशन भी गए थे। उन्होंने मेरे भाई के खिलाफ रेलिंग चोरी का झूठा केस दर्ज करके उसे पुलिस स्टेशन में बंद करवा दिया। मेरी भाभी दो बच्चों के साथ घर में रहती थी। बाद में नायब सिंह और अजायब सिंह कुछ और नशेड़ी लड़कों के साथ आए। उन्होंने ट्रैक्टर से घर का गेट तोड़ दिया। गेट तोड़ने के बाद उन्होंने बच्चों को भी पीटा और मेरी भाभी के कपड़े फाड़ दिए। उन्हें भी पीटा गया। उन्होंने उनकी सोने की चेन और हार भी छीन लिया। घर पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने मेरी भाभी के पैर पर डंडे से मारा। उनके पास धारदार हथियार थे। दो-तीन लड़कों के पास पिस्तौल भी थी और नायब सिंह और अजायब सिंह के पास राइफलें थीं। उन्होंने धमकी दी कि अगर कोई सामने आया तो उसे गोली मार देंगे। बाद में हमने अपनी भाभी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया। पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने का आरोप लेकिन पुलिस ने उनका बयान दर्ज नहीं किया। इस बात से परेशान होकर तीन दिन बाद मेरी भाभी ने सुसाइड करने की कोशिश की। उन्होंने कोई जहरीली दवा खा ली। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत गंभीर है लेकिन अब वह बच गई हैं। उन्होंने मांग की कि हमें इंसाफ मिले। नायब सिंह और अजायब सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही, उनकी ऑडी कार और ट्रैक्टर को पुलिस कस्टडी में लिया जाना चाहिए। इस मौके पर सदर बरनाला थाने के SHO जगजीत सिंह ने कहा कि अजायब सिंह और नायब सिंह दो भाई हैं, जिनकी ठीकरीवाल गांव में करीब नौ एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, मनप्रीत सिंह मनी, जो एक सदस्य है, ने उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और वहां पड़े गर्डर, सरिया वगैरह चुरा लिए। इसी आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और वह अभी पुलिस रिमांड पर है। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि उसकी पत्नी ने सुसाइड की कोशिश की है। यह सब केस की जांच को प्रभावित करने और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश है।


