नई दिल्ली भगदड़ मामला- स्टेशन पर CRPF की तैनाती:26 फरवरी तक काउंटर प्लेटफॉर्म टिकट बंद, 60 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और दिल्ली पुलिस की तैनाती की गई है। महाकुंभ के बीच बढ़ती भीड़ को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके अलावा रेलवे ने 26 फरवरी तक शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक काउंटर से प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री बंद कर दी है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे ने भविष्य में पीक सीजन में भगदड़ जैसी घटनाओं से बचने के लिए देश के 60 बड़े स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाने की योजना बनाई है। महाकुंभ के बाद 2027 में नासिक और हरिद्वार में भी अर्धकुंभ लगेंगे। इसके अलावा 2028 में मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी सिंहस्थ मेले का आयोजन होना है। 15 फरवरी को भगदड़ में 18 लोगों की मौत
नई दिल्ली स्टेशन पर 15 फरवरी को रात 9:26 बजे भगदड़ मचने से 11 महिलाओं और 5 बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई थी। 25 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 28 जनवरी देर रात को हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई थी। घटना से दो घंटे पहले 2600 जनरल टिकट बेचे गए
भगदड़ की शुरुआत जांच में पता चला था कि नई दिल्ली स्टेशन पर हर घंटे रेलवे ने 1500 जनरल टिकट बेचे गए थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों की तैनाती संतुलित नहीं थी, जिससे भीड़ को काबू करने में मुश्किलें आईं और स्थिति बिगड़ी। वहीं इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे ने घटना से दो घंटे पहले (15 फरवरी को) तक एक घंटे में 2600 जनरल टिकट बेचे थे। आम तौर पर दिनभर में 7 हजार टिकट बेचे जाते थे, लेकिन इस दिन 9600 टिकट बेचे गए थे। पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दें… नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ के 3 बड़े कारण… तीन चश्मदीदों के बयान… पुलिस ने कहा- जान बचानी है तो लौट जाओ: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्टेशन पर इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की जगह नहीं थी। ट्रेन में लोग ठुंसे हुए थे। चुनिंदा पुलिस वाले दिख रहे थे। पुलिस वाले लोगों से बोल रहे थे कि जान बचानी है तो लौट जाइए। आप लोगों के पैसे नहीं गए हैं। आपकी जान बची है। कन्फर्म टिकट वाले भी डिब्बे में नहीं घुस सके: प्रयागराज जा रहे प्रमोद चौरसिया बताया कि मेरे पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के स्लीपर का टिकट था, लेकिन इतनी भीड़ थी कि कन्फर्म टिकट वाले भी डिब्बे में नहीं घुस पा रहे थे। वहां इतनी धक्का-मुक्की थी कि हम जैसे-तैसे भीड़ से बाहर निकल सके। ट्रेनों के कैंसिल और लेट होने से भीड़ बढ़ी: प्रत्यक्षदर्शी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मैं भी प्रयागराज जा रहा था। दो ट्रेनें पहले से ही देरी से चल रही थीं, कुछ रद्द कर दी गई थीं। इसलिए स्टेशन पर बेतहाशा भीड़ थी। मैंने जिंदगी में पहली बार इस स्टेशन पर इतनी भीड़ देखी। मैंने खुद छह-सात महिलाओं को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए देखा। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें… भीड़ भगदड़ मौत मातम रेलवे अधिकारी बोले- सीढ़ियों पर यात्री फिसले, जिससे हादसा हुआ
नॉर्थ रेलवे के अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा- जब यह दुखद घटना घटी, उस समय पटना की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 14 पर खड़ी थी, और जम्मू की ओर जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति प्लेटफार्म नंबर 15 पर खड़ी थी। इस दौरान प्लेटफार्म 14-15 की ओर आ रहा एक यात्री सीढ़ियों पर फिसलकर गिर गया, और उसके पीछे खड़े कई यात्री इसकी चपेट में आ गए, और यह दुखद घटना घटी। कोई भी ट्रेन रद्द नहीं की गई, न ही प्लेटफार्म में कोई बदलाव किया गया। घटना की जांच की जा रही है। ——————————————– भगदड़ से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली भगदड़- तीन सरकारी बयान, उलझी जांच:पुलिस बोली- दो ट्रेनों के मिलते-जुलते नाम से भ्रम हुआ, रेलवे बोला- एक व्यक्ति के फिसलने से स्थिति बिगड़ी भगदड़ क्यों मची, इस पर आए 3 सरकारी बयानों ने जांच उलझा दी है। दरअसल, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रयागराज नाम से दो ट्रेन थीं। इनमें से एक स्पेशल के प्लेटफॉर्म 16 पर पहुंचने का अनाउंसमेंट हुआ। तब प्लेटफॉर्म 14 पर प्रयागराज (मगध) एक्सप्रेस खड़ी थी। जो यात्री 14 पर जा रहे थे, वो अनाउंसमेंट सुनकर 16 की तरफ भागे। पढ़ें पूरी खबर…

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