राजसमंद के श्रीनाथजी मंदिर में निरंजनी अखाड़े के वर्तमान आचार्य महामंडलेश्वर और हरिद्वार स्थित दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने श्रीजी प्रभु के दर्शन किए। फाल्गुन मास में नाथद्वारा पहुंचकर उन्होंने शयन आरती झांकी के दर्शन किए और मंदिर परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया गया। दर्शन के बाद मंदिर परंपरा के अनुसार बैठक जी में सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य ने उन्हें उपरना और रजाई ओढ़ाकर तथा श्रीनाथजी का प्रसाद भेंट कर स्वागत किया। अष्टयाम सेवा और पुष्टि मार्ग की जानकारी इस अवसर पर पंड्या परेश नागर ने श्रीनाथजी की अष्टयाम सेवा और पुष्टि मार्ग की परंपराओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान जमादार विठ्ठल सनाढ्य, कैलाश पालीवाल, कल्पित जोशी सहित अन्य सेवादार भी मौजूद रहे। दर्शन व्यवस्था की सराहना महामंडलेश्वर ने कहा कि फाल्गुन मास में श्रीनाथजी के दर्शन कर उन्हें अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि ठाकुरजी की महिमा का वर्णन शब्दों में संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने पुनः दर्शन का अवसर मिलने की प्रार्थना भी की। प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव से नाथद्वारा पहुंचे स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज निरंजनी अखाड़ा के वर्तमान आचार्य महामंडलेश्वर हैं और दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर भी हैं। वे फियावड़ी स्थित मंगरी श्याम भैरवनाथ मंदिर के प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेने आए थे। वहीं से वे नाथद्वारा पहुंचकर श्रीनाथजी प्रभु का आशीर्वाद लेने पहुंचे।


