महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज ने चूरू और आसपास के गांवों में आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन आयोजनों का उद्देश्य शिव जयंती के वास्तविक आध्यात्मिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाना था। रविवार को गांव रायपुरिया के शिव मंदिर में ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने शिव के अवतरण और उनके दिव्य कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। यहां एक प्रदर्शनी के माध्यम से भगवान शिव के सच्चे स्वरूप, त्रिमूर्ति के रहस्य और राजयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इसी क्रम में, सोमवार को बिसाऊ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में एक आध्यात्मिक पथ प्रदर्शनी और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है। चूरू सेवाकेंद्र की संचालिका बीके सुमन दीदी ने आत्म-जागृति और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से अनेक लोगों ने शिव जयंती के वास्तविक आध्यात्मिक महत्व को समझा है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


