NDPS मामले में बंद विचाराधीन बंदी की मौत:जेल में बिगड़ी थी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

अजमेर की सेंट्रल जेल में एनडीपीएस मामले में बंद विचाराधीन बंदी की मौत हो गई। बंदी कुछ समय से बीमारी से जूझ रहा था। जेल प्रशासन ने बॉडी को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। सेंट्रल जेल अधीक्षक आर अन्तेश्वर ने बताया कि जिला केकड़ी निवासी विचाराधीन बंदी गोपी खटीक (72) पुत्र लादू खटीक सेंट्रल जेल में बंद था। उक्त बंदी जेल में प्रवेश होने से पहले ही अस्थमा, हदय रोग व नशे का आदी था। जिसका जेल डिस्पेंसरी व जेएलएन अस्पताल में उपचार दिया जा रहा था। बंदी गोपी की मंगलवार को जेल खुलवाने के दौरान अचानक तबीयत खराब हो गई। जेल डॉक्टर के द्वारा उसे जेएलएन अस्पताल में रेफर किया गया। जहां अस्पताल में उपचार दिया। उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया। गोपी की बॉडी को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंच गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। 7 महीने से जेल में था बंद बंदी गोपी खटीक के पुत्र ने बताया कि उसके पिता को सराना थाना पुलिस ने 7 महीने पूर्व एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह सेंट्रल जेल में बंद थे। कुछ समय से बीमार भी चल रहे थे। 4 दिन पहले ही जेल में मुलाकात की थी। बेटे ने बताया कि पिता की मौत पर उन्हें कोई शक नहीं है।

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