बालाघाट जिले के लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम कामथी (गोंडीटोला) में एक खेत मालिक ने आदिवासी देवस्थल को जेसीबी मशीन से हटा दिया। इससे आदिवासी समुदाय में गुस्सा है और उन्होंने जमीन मालिक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। गोंडीटोला के आदिवासी परिवारों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इस स्थान पर अपने कुलदेवता की पूजा करते आ रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि मालिक ने बिना किसी सूचना या सहमति के जेसीबी चलवाकर देवस्थल को हटवा दिया। आदिवासियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में उनकी पूजनीय मूर्तियां खंडित हो गई हैं, जिसे वे अपनी संस्कृति और परंपरा पर हमला मान रहे हैं। ग्रामीणों की मांग और चेतावनी ग्रामीण भगवंती टेकाम और हंसलाल तेकाम ने कहा कि यदि देवस्थल हटाना ही था, तो उन्हें पहले सूचित किया जाना चाहिए था। पूर्व सरपंच भागचंद पटले ने भी इस कार्रवाई को अनुचित बताया है। उन्होंने मांग की है कि खेत मालिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार देवों की पुनः स्थापना में सहयोग करें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समाधान नहीं निकला, तो पुलिस में धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत दर्ज कराई जाएगी। जमीन मालिक का पक्ष दूसरी ओर, खेत मालिक अमित देशमुख ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि धार्मिक प्रतीक उनकी निजी स्वामित्व वाली जमीन पर थे, जिससे खेती के काम में बाधा आ रही थी। उन्होंने तर्क दिया कि उन्होंने मूर्तियों को अपमानित नहीं किया, बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से हटाकर आदिवासियों की स्वयं की भूमि की सीमा पर ट्रांसफर कर दिया है।


