पूर्व मंत्री के केस में नरेश मीणा को जमानत:सरकार ने कहा- आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति; हाईकोर्ट का जवाब- हर मामले के तथ्य अलग

राजस्थान हाईकोर्ट से नरेश मीणा को पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के घर के बाहर प्रदर्शन करने और भीड़ को उकसाने के मामले में आज जमानत मिल गई। जस्टिस सुदेश बंसल की अदालत ने यह फैसला सुनाया। सरकार की ओर से समरावता केस में हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने का हवाला देते हुए नरेश मीणा को आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया गया। लेकिन कोर्ट ने कहा- हर मामले के तथ्य और परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं। सितंबर 2023 का यह मामला है, जब नरेश मीणा पर भाया के घर के बाहर धरना देने और भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था। करीब डेढ़ साल तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब नरेश मीणा ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की, तब 3 फरवरी को उन्हें जेल से गिरफ्तार कर लिया गया। नरेश मीणा के वकील डॉ महेश शर्मा का कहा- यह मामला राजनीति से प्रेरित है। इस केस में पहले भी कई लोगों को अदालत जमानत दे चुकी है। जमानत के बाद भी नहीं होगी रिहाई
नरेश मीणा को भीड़ को उकसाने के मामले में जमानत मिलने के बाद भी जेल से रिहाई नहीं होगी। क्योंकि समरावता गांव में हुई हिंसा मामले में 14 फरवरी को नरेश मीणा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। नरेश मीणा एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में भी गिरफ्तार है। थप्पड़ मारने के मामले में आज नहीं हुई सुनवाई
वहीं, देवली-उनियारा चुनाव में एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में जेल में बंद नरेश मीणा की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। जस्टिस अनिल उपमन की अदालत में अब 24 फरवरी को नरेश मीणा की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। उपचुनाव में एसडीएम काे मारा था थप्पड़
दरअसल, देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता (टोंक) गांव के लोगों ने वोटिंग का बहिष्कार किया गया था। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। इसी दौरान नरेश मीणा ने अधिकारियों पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाया था। नरेश मीणा पोलिंग बूथ पर आए और उन्होंने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। कई गाड़ियों में लगा दी थी आग
एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद नरेश मीणा वापस जाकर धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की गाड़ी रोकने को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया था। मीणा के समर्थकों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे और भड़क गए थे। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी आए और नरेश मीणा को पुलिस की हिरासत से छुड़ाकर ले गए थे। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। ग्रामीणों पर भी पथराव का आरोप लगाया था। घटना के दौरान गांव में कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी।

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