सिवनी सहित प्रदेश और देश में बढ़ रहे साइबर अपराध और महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए पुलिस विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, लखनादौन में एसडीओपी अपूर्व भलावी ने महिलाओं और पुरुषों के बीच जागरूकता अभियान व परिचर्चा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कई महिलाओं ने साइबर ठगी के प्रयासों से बचने के अपने अनुभव भी साझा किए। एसडीओपी ने साइबर ठगी से बचने के उपायों पर दी जानकारी एसडीओपी अपूर्व भलावी ने बताया कि मोबाइल पर आने वाली हर कॉल को सुनते समय धैर्य रखना आवश्यक है। हड़बड़ी में किए गए निर्णय साइबर ठगी का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर उस कॉल को संदेह की नजर से देखें जो ओटीपी, बैंक खाता, यूपीआई आईडी, सिम अपडेट, लॉटरी लिंक या आसान लोन से जुड़ी हो। उन्होंने एक उदाहरण दिया, जिसमें राधा सिंह नामक महिला ने फर्जी वेबसाइट से शॉप का नंबर लेकर बातचीत कर ली थी। ठग ने एटीएम की जानकारी मांग ली, लेकिन समय रहते महिला का बेटा पहुंच गया और उन्हें ठगी से बचा लिया। अनजान कॉल्स से बचाव कार्यक्रम में एक अन्य घटना का जिक्र किया गया, जिसमें एक महिला को अंजान व्यक्ति ने फोन कर 20 हजार रुपये मांगे। ठग ने खुद को परिवार का परिचित बताया। महिला उसकी बातों में आ गई और पैसे ट्रांसफर कर दिए। एसडीओपी ने लोगों को सलाह दी कि अगर फोन नंबर सेव न हो तो कॉल सावधानी से उठाएं और किसी भी अंजान लिंक को न खोलें। एसडीओपी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बार-बार फोन करके परेशान करे तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


