राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को जयपुर मेट्रो का निरीक्षण कर निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और अत्याधुनिक तकनीक की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों के साथ फेज-1डी के निर्माण कार्य, कंट्रोल सिस्टम और यात्री सुविधाओं की समीक्षा की। वी. श्रीनिवास ने कहा- राज्य सरकार को जयपुर मेट्रो फेज-2 की स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। मुख्य सचिव ने फेज-1डी के तहत मानसरोवर, जयपुर से 200 फीट बाईपास, अजमेर रोड चौराहा तक चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण और आधुनिक तकनीक के उपयोग को समझा और नई तकनीक की तारीफ की। इस दौरान मेट्रो अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की तकनीकी और विशेषताओं की जानकारी दी। कंट्रोल सेंटर में समझी सुरक्षा और मॉनिटरिंग व्यवस्था इसके बाद मुख्य सचिव मानसरोवर डिपो स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और सिक्योरिटी कंट्रोल सेंटर पहुंचे। जहां निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेट्रो संचालन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली को समझा। मेट्रो में किया सफर मुख्य सचिव ने मानसरोवर से छोटी चौपड़ मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो में यात्रा कर परिचालन व्यवस्था का अनुभव लिया। वहीं छोटी चौपड़ स्टेशन स्थित कला दीर्घा में प्रदर्शित मूर्तिकला, रागमाला चित्रावली, ऐतिहासिक कुंड और अन्य पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण की मुख्य सचिव ने तारीफ की। उन्होंने स्टेशन कंट्रोल रूम, यात्री सुविधाओं, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए। टनल सुरक्षा का भी किया निरीक्षण मुख्य सचिव ने जयपुर मेट्रो के टनल का निरीक्षण भी किया। जहां उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए बनाए गए क्रॉस-पैसेज और उनकी तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली। इस दौरान मेट्रो के निदेशक महेश कुमार भुराडिया, ओम प्रकाश, सुनील ढाका, पुलिस उपायुक्त सुशील सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विरासत के साथ आधुनिक विकास का उदाहरण इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा- जयपुर मेट्रो का निर्माण गुलाबी नगरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीक के साथ किया गया है। राज्य सरकार का भारत सरकार के साथ संवाद जारी है। हमें जयपुर मेट्रो फेज-2 की स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है।


