क्राइम रिपोर्टर | भिलाई नाबालिग से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संजय पंडित और रिटायर्ड कर्मी बीएन पांडेय ने पीड़िता के साथ उतई रेस्ट हाउस और जुनवानी रोड स्थित दूसरे व्यक्ति के मकान में भी अनाचार किया। पुलिस रिमांड में आरोपियों ने यह खुलासा किया है। इसके अलावा पूरे कांड में शामिल अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं। अब जांच टीम उन आरोपियों की संलिप्तता की पड़ताल में जुट गई है। रविवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड जेल भेज दिया गया। सामूहिक दुष्कर्म कांड के दो प्रमुख आरोपी संजय पंडित और भीम नारायण पांडेय उर्फ बीएन पांडेय ने बीते 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां से पुलिस ने उन्हें दो दिन की रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि में पूछताछ के दौरान भीमनारायण ने उतई स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की जानकारी दी, जहां वह पीड़िता को बहाने से कार (सीजी 07 एयू 3526) में बैठाकर ले गया और उसके साथ अनाचार किया था। वहीं, आरोपी संजय ने जुनवानी रोड स्थित एक मकान की जानकारी दी, जहां वह पीड़िता को जबरदस्ती कार (सीजी 07 एटी 7047) में ले गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल जब्त किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर वीडियोग्राफी कराई। पूछताछ में आरोपियों ने पीडब्ल्यूडी से जुड़े ठेकेदार और शासकीय कर्मियों की जानकारी दी, जो प्रकरण में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से शामिल थे। आरोपियों की अवैध संपत्ति की जांच में भी जुट गई है पुलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग में पीड़िता के साथ अनाचार का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इसी तरह की घटना और भी हुई है, जिसमें कई अफसर और ठेकेदार शामिल हैं। लेकिन रसूख का इस्तेमाल करके उन्होंने मामलों को दबा दिया। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे और प्रकरण की जानकारी मिली है। इसके अलावा जांच अधिकारी आरोपियों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति की जांच में जुटी है।


