खेती के लिए पौधा 10 रु. में देने पर विचार उद्योग और व्यापार को भी मिलेगा बढ़ावा

शिव कुमार बावा पंजाब की जलवायु चंदन की खेती के अनुकूल है। सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अनुकूल दिशा में बढ़ रही है। वह इस खेती को प्रोत्साहित तो कर ही रही है, चंदन पर आधारित उद्योग-धंधों और व्यापार के लिए भी व्यापक गतिविधियां शुरू कर रही है। जंगलात विभाग के मंत्री लालचंद कटारूचक्क के मुताबिक, होशियारपुर, मोगा, फाजिल्का, अमृतसर के गावों में बहुत से किसान सफेद चंदन की खेती से जुड़े हुए हैं। कई किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। अगर किसान इस खेती को और बढ़ावा देंगे तो उन्हें और अधिक आमदनी की उम्मीद है। दसूहा और होशियारपुर में वन विभाग की नर्सरियों में हजारों पौध तैयार है। इस साल दो लाख से ज्यादा पौधे कम रेट पर किसानों को दिए जाएंगे। सूबे के किसानों को चंदन की खेती के लिए जंगलात विभाग अपनी नर्सरियों से चंदन के पौधे बहुत कम रेट पर देगा। वह 10 रुपए प्रति पौधा देने पर विचार कर रहा है। अब तक यह 35 रुपए प्रति पौधा दिया जा रहा है। चंदन की लकड़ की कीमत 8 से 10 हजार रुपए प्रति किलोग्राम मिलेगी। इसकी लकड़ी की यहां के बाजारों में भारी मांग है। चंदन का तेल और भी महंगा है, लेकिन इसे 15 से 20 साल के पेड़ से ही निकाला जाता है। 8 साल बाद चंदन के पेड़ की लकड़ी बेचने योग्य हो जाती है। इससे यहां के किसान चंदन की खेती के साथ आर्थिक तौर पर मजबूत होंगे तथा उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। चंदन के तेल का दवाओं, धूप, अगरबत्तियां, साबुन, परफ्यूम आदि में इस्तेमाल होता है। इसके साथ ही उद्योग विभाग चंदन की प्रोसेसिंग के लिए औद्योगिक एवं चंदन उत्पादों की मार्केटिंग के लिए विशेष व्यापारिक सुविधाएं मुहैया करवाने जैसे कदम उठाएगा, ताकि सूबा इसमें अग्रणी प्रदेश बन सके। सरकार चंदन उत्पादों संबंधी उद्योग और अन्य व्यापारिक सुविधाएं सुनिश्चित बनाने के लिए प्रयत्नशील है। होशियारपुर में वन विभाग की नर्सरी में चंदन की तैयार पौध। इस साल दो लाख पौधे किसानों को खेती करने के लिए दिए जाएंगे। डीएफओ धर्मवीर दैरु और रेंज अफसर कपलदेव दसूहा के अनुसार, जंगलात विभाग ने यह तजुर्बा किया है कि पंजाब में चंदन की खेती हो सकती है। सरकार चंदन से संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। होशियारपुर में किसान चंदन की खेती को अपनाने लगे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *