शहर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रीराम संकीर्तन मंदिर, श्री बालाजी धाम, सिद्ध श्री हनुमान मंदिर और शिव भवन सहित तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान आशुतोष का आशीर्वाद लिया। शिव भक्तों ने विधि-विधान से व्रत रखकर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रीराम संकीर्तन मंदिर को भव्य रोशनी से सजाया गया और शिवलिंग का अलौकिक श्रृंगार किया गया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सतपाल उबवेजा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह अखंड परिक्रमा और श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ के साथ किया गया। इसी प्रकार, श्री बालाजी धाम में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष महावीर प्रसाद मोदी के सानिध्य में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय कर दिया। महाशिवरात्रि के अवसर पर केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि शहर के मुख्य बाजारों और गली-मोहल्लों में भी उत्सव जैसा माहौल रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा विशाल लंगर लगाए गए, जहां राहगीरों और भक्तों को खीर, फल, चाट, छोले-पूरी और विशेष रूप से भांग का प्रसाद वितरित किया गया। फाजिल्का के बाजारों में गूंजते बम-बम भोले के जयकारों और सेवा भाव ने आपसी भाईचारे और अटूट श्रद्धा की मिसाल पेश की।


