गांव लमोचड़ खुर्द में पंचायत और एक किसान परिवार के बीच चल रहा जमीन विवाद अब पुलिस थाने की दहलीज तक पहुंच गया है। सदर थाना पुलिस द्वारा किसान करनैल सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने थाने का घेराव कर पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने और अवैध हिरासत का गंभीर आरोप लगाया है। थाने के बाहर दोनों पक्षों के समर्थकों का जमावड़ा लगा। जहां एक पक्ष इसे पुलिसिया जुल्म और स्टे का उल्लंघन बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला कह रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पंचायत की शिकायत पर मामले की जांच कर रहे हैं और कानून के मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में इस विवाद को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। पंचायत सदस्य मुख्तियार सिंह और परिजन जरनैल सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि करनैल सिंह की जमीन पंचायत की जमीन के साथ लगती है। उनका आरोप है कि पंचायत द्वारा जबरन उनकी जमीन में जेसीबी चलाकर पशुओं का चारा खराब किया गया। इसके खिलाफ करनैल सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें स्टे (यथास्थिति) मिल गया है। परिजनों का दावा है कि स्टे होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें बिना किसी ठोस आधार के उठा लिया, जो कि सरासर नाजायज है। महिला सरपंच के पुत्र संदीप सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे करनैल सिंह बार-बार रोकने की कोशिश कर रहे हैं। संदीप का आरोप है कि करनैल सिंह ने स्टेडियम की दीवारों की नींव में पानी छोड़ दिया ताकि निर्माण गिर जाए। सरपंच ने कहा कि उन्होंने कानून का उल्लंघन होने पर पुलिस को शिकायत दी है और वे केवल कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। थाना सदर की डीएसपी गुरसेवक सिंह व एसएचओ शिमला रानी से बात की गई तो उनका कहना था कि वह अवकाश पर हैं। वहीं इस संबंधी जब जांच अधिकारी शाम सिंह से संपर्क किया गया तो उनका फोन बंद आ रहा था।


