कांकेर| शहर में एक ही पुल है, जिससे वाहनों का आवागमन होता है। दूसरा पुल पंडरीपानी-कोदाभाठ,बर देभाठा के दूध नदी पुल में है। जहां संकरा मार्ग होने से आवागमन को लेकर काफी खतरा है और कई दुर्घटनाएं हो चुकी है। इस कारण दूध नदी में अन्नपूर्णापारा से एमजी वार्ड मार्ग के दूध नदी में एक और पुल बनना जरूरी है, क्योंकि जब शहर में रैली निकालती है और चक्काजाम होता है। तब दूध नदी मार्ग में बने पुल से आवागमन ठप हो जाता है। राशि स्वीकृति होने के बाद भी पुल का निर्माण काम अधर में है। वही जिस मार्ग में पुल बनना है। वहा पर गंदगी व मलबा फेंककर पाटा जा रहा है। दूध नदी के काफी भाग में अतिक्रमण हो गया है। इस कारण पुल निर्माण जल्दी होना चाहिए।


