कस्बे के जटमासी रोड स्थित तहसील कार्यालय में रविवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तहसील परिसर की एलआरसी (भूमि अभिलेख) कम्प्यूटर शाखा में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे शाखा में रखा महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड और कई जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय शाखा के कमरे से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग की लपटें बाहर आने लगीं। कर्मचारियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी और नगरपालिका की दमकल को मौके पर बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल की तत्परता से आग को अन्य कमरों तक फैलने से रोक लिया गया, अन्यथा तहसील कार्यालय का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ सकता था। हालांकि दमकल के पहुंचने से पहले कई फाइलें, दस्तावेज और रिकॉर्ड जल चुके थे। वहीं आग बुझाने के दौरान पानी के इस्तेमाल से जो रिकॉर्ड बचा है, उसके भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है। भास्कर इनसाइट – 4 अग्निशामक यंत्र लगे थे, आग के वक्त एक भी काम नहीं आया तहसील कार्यालय में लगी आग ने प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों की हकीकत उजागर कर दी। परिसर में आग से बचाव के लिए चार अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं, लेकिन आग लगने के वक्त एक भी यंत्र काम नहीं आया। कर्मचारियों ने इन्हें चलाने की कोशिश की, लेकिन उपकरणों से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूत्रों के अनुसार इन अग्निशामक यंत्रों का लंबे समय से निरीक्षण और रखरखाव नहीं हुआ, जिससे अधिकांश उपकरण एक्सपायर हो चुके थे। अगर शुरुआती स्तर पर ही आग बुझाने की व्यवस्था दुरुस्त होती तो शाखा में रखे कई महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेज बचाए जा सकते थे। घटना ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। फिलहाल आगजनी में हुई नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।” – अमित शर्मा, तहसीलदार, रूपवास


