स्वास्थ्य मंदिर आश्रम महाराज सर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग अब मोबाइल फोन के जरिए डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। यहां सीनियर सिटीजन के लिए मोबाइल फोन से जुड़े दैनिक उपयोग के कार्यों की ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। अब इसे रणजीत नगर इकाई पर शुरू किया जाएगा। इसमें रेलवे टिकट बुकिंग, ऑनलाइन टैक्सी मंगाना, ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना, सोशल मीडिया आदि का उपयोग, साइबर सुरक्षा सिखाई जा रही है। स्वास्थ्य मंदिर के निदेशक डॉ. वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह मुहिम पिछले साल अक्टूबर माह से शुरू की गई थी। हुआ यूं कि एक सीनियर सिटीजन की रात में तबीयत खराब हुई। उनके बच्चे हैदराबाद रहते हैं। देर रात को उन्होंने अपने बच्चों को फोन किया। उन्होंने इमरजेंसी कॉलिंग के लिए कहा, लेकिन बुजुर्ग को एंड्रॉयड फोन का ठीक से इस्तेमाल करना नहीं आता था। बच्चों के बताए अनुसार कर नहीं पा रहे थे। बच्चों के पास मेरा नंबर था। उन्होंने मुझे फोन किया। हमने रात में सीनियर सिटीजन के घर पहुंचकर प्राथमिक उपचार दिया और अस्पताल ले गए। तभी ख्याल आया कि बुजुर्गों को भी ऑनलाइन सेवाओं और इमरजेंसी कॉलिंग की जानकारी होनी चाहिए। सप्ताह में दो दिन ऑफलाइन और ऑनलाइन मोबाइल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए नि:शुल्क आयोजित किया जा रहा है, जिनकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक है। बुजुर्गों को मोबाइल से जुड़े कार्यों की ट्रेनिंग अनिल जैन, त्रिलोक खंडेलवाल, संदीप श्रीवास्तव, प्रभा गुप्ता द्वारा दी जा रही है। यह पहल उन बुजुर्गों के लिए भी मददगार साबित हो रही है, जिनके बच्चे दूर शहरों में नौकरी कर रहे हैं और माता-पिता अकेले रह रहे हैं। मोबाइल चलाना सीखकर वे न सिर्फ ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर पा रहे हैं, बल्कि अपने बच्चों और परिजनों से बेहतर तरीके से जुड़े भी रह पा रहे हैं। आश्रम में 8 बुजुर्ग रहते हैं, जबकि 10 से 12 सीनियर सिटीजन प्रतिदिन सुबह-शाम को आते हैं। इनके साथ अब हर रविवार शाम 4 से 6 बजे तक मोबाइल प्रशिक्षण के साथ-साथ मनोरंजक गतिविधियां होती हैं। गेम और पुस्तकालय की सुविधा भी उपलब्ध है। आपातकालीन सेवाओं का भी दे रहे प्रशिक्षण, कंप्यूटर भी सिखा रहे स्वास्थ्य मंदिर आश्रम पर रह रहे बुजुर्गों को आपातकालीन उपचार भी सिखाया जा रहा है। जब कोई यहां पर न हो और सिर्फ बुजुर्ग हों, तो उस समय उन्हें सीपीआर, ऑक्सीजन कैसे दें। यदि बुखार आ गया है तो सिर पर गीली पट्टी रख दें, पैरों के तलवों की मालिश कर दें। यदि बहुत ज्यादा जरूरत है तो 100 नंबर, 108 नंबर पर तुरंत सूचना दें और प्राथमिक उपचार में उन्हें पैरासिटामोल दे दें। ब्लड प्रेशर नापना, थर्मामीटर से बुखार नापना, डायबिटीज चेक करना इत्यादि चीजें सिखाई जा रही हैं, ताकि इमरजेंसी व्यवस्था बनाई जा सके। बुजुर्गों को गार्डनिंग, बच्चों को पढ़ाना, पुस्तकालय में पुस्तक पढ़ना, रामचरित मानस का पाठ आदि से भी जोड़ा गया है। जो सीनियर सिटीजन पढ़े-लिखे हैं, उन्हें कंप्यूटर चलाना भी सिखाया जा रहा है।


