त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉक्टर माणिक साहा आज शाम को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। इस दौरान वे अपनी पत्नी के साथ चित्तौड़गढ़ दुर्ग में घूमने गए। यहां का इतिहास जानकार उन्होंने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिस इतिहास को किताबों में पढ़ा था, आज उसे देखने का मौका मिला। देश दुनिया के लोगों को यहां आना चाहिए और समझना चाहिए कि हमारे देश का कितना सुंदर इतिहास है। किताबों में पढ़ा था, आज आकर देखा त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉक्टर माणिक साहा अपनी पत्नी के साथ वॉटर रिसोर्स नेशनल प्रोग्राम में उदयपुर आए थे। उदयपुर से चित्तौड़गढ़ में दुर्ग देखने पहुंचे। यहां उन्होंने व्यू पॉइंट, राणा कुंभामहल, विजय स्तंभ, कालिका माता मंदिर, सूरजपोल दरवाजा सहित अन्य इतिहास की मॉन्यूमेंट्स का अवलोकन किया। वे सभी जगह घूमने के बाद यहां से उदयपुर के लिए रवाना हो गए। त्रिपुरा सीएम ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का इतिहास हम बचपन से पढ़ते आए हैं। किताबों में पढ़ना और यहां आकर देखने में बहुत बड़ा अंतर है। अब लगता है पहले आकर देखते और फिर इतिहास पढ़ते तो अच्छा याद रहता। कहा- मैं उदयपुर नेशनल प्रोग्राम में आया था। देश के हर नागरिक को आना चाहिए उन्होंने कहा कि पहली बार उदयपुर आया हूं। मैं राजस्थान के जयपुर और कोटा पहले आ चुका हूं। लेकिन उदयपुर और चित्तौड़गढ़ आने का पहली बार मौका मिला। चित्तौड़गढ़ में आने के बाद पता चला कि बहुत सी चीजें सीखनी चाहिए। राजा महाराजाओं की जो कहानियां हैं, उनके बारे में सुनकर अच्छा लगा। ज्ञान भी बढ़ा। मैं सोचता हूं कि हर इंसान को यहां आना चाहिए। देश के हर नागरिक को यहां आना चाहिए और समझना चाहिए कि हमारे देश का कितना अच्छा इतिहास था। मुझे भी यहां आकर बहुत अच्छा लगा।


