भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नगर निगम को 6 माह में स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट 2014 लागू कराने का आदेश दिया था, लेकिन 84 दिन बाद भी कमेटी गठित नहीं की गई है। 2 पार्षदों और सेनेटरी अफसर का नाम निगम कमिश्नर को भेजा गया है। ये वार्ड-8 से पार्षद बलविंदर सिंह गिल, वार्ड-50 से रीता और हेल्थ विभाग से सेनिटेशन अफसर जतिंदर पाल सिंह हैं। एलआईसी और पुलिस विभाग से 1-1 कर्मचारी या अफसर नाम भी मांगा गया है, मगर इनके नाम अभी तक कमिश्नर को नहीं िमले हैं। इसी कारण कमेटी का गठन लटका हुआ है। िनयम के अनुसार स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट लागू कराने के िलए टाउन वेंडिंग कमेटी (टीएवीस) का गठन जरूरी है। निगम कमिश्नर कमेटी के अध्यक्ष होते हैं। 15 मेंबर होते हैं। 40% सदस्य यानी 6 सदस्य रेहड़ी-फड़ी वालों के प्रतिनिधि होते हैं। इनमें एक-तिहाई महिलाएं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाता है। वेंडर्स कमेटी के िलए नाम खुद तय करके निगम देते हैं, जबकि जनरल हाउस की ओर से चुने गए 2 पार्षद के अलावा, निगम, हेल्थ विभाग, पुलिस विभाग, बैंक, लोकल प्रशासन से भी 1-1 मेंबर चुने जाते हैं। कमेटी की बैठक हर 6 महीने में एक बार बुलानी होती है। हालांकि, अध्यक्ष किसी भी समय मीटिंग कॉल कर सकते हैं। बैठक की कार्रवाई शुरू करने के लिए कुल सदस्यों का एक-चौथाई उपस्थित होना जरूरी है। यह कमेटी रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए सुप्रीम बॉडी की तरह काम करती है। सभी स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे कराने, पात्र वेंडर्स को वेंडिंग सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड जारी करने, वेंडिंग, नो-वेंडिंग जोन तय करने, वेंडर्स की समस्याओं और स्थानीय निवासियों के साथ होने वाले विवादों को सुलझाने जैसे कई अहम काम करती है। वेंडिंग जोन की क्षमता शहर की कुल जनसंख्या के 2.5% से कम नहीं होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। निगम अफसरों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बीते 20 नवंबर को आदेश जारी किया था कि अमृतसर निगम 6 माह में वेंडिंग जोन तैयार करेगा। 60 दिन में स्पीकिंग ऑर्डर निकालना होगा। दरअसल, समाजसेवी संस्था अमृतसर विकास मंच ने स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाए जाने को लेकर 23 मार्च 2025 को हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। इस पर हाईकोर्ट से स्पीकिंग ऑर्डर निकालने के आदेश हुए थे, लेकिन मार्च 2025 तक स्पीकिंग ऑर्डर न होने पर समाजसेवी संस्था ने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मामले में सितंबर 2025 में सरकार से जवाब तलब किया था। दबाव के बीच 18 नवंबर 2025 को लोकल बॉडीज विभाग ने निगम को वेंडिंग जोन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। इस आधार पर हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका डिस्पोज कर दी थी, लेकिन 20 नवंबर 2025 को सुनवाई करते हुए 6 माह में वेंडिंग जोन बनाने की डेडलाइन निर्धारित की है।


