अमेरिका में भारतीय प्रवासी इंजीनियर व उनकी टीम ने एक ऐसा एप तैयार किया है, जो डॉक्टर को दैनिक कामों में सहयोग करेगा। इसे मोबाइल से आसानी से चला सकेंगे। यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वॉइस असिस्टेंट है, जिसे खासतौर पर डॉक्टर्स की सुविधा के लिए डिजाइन किया है। डॉक्टर केवल आवाज से आदेश देंगे और यह असिस्टेंट रोगी का इतिहास, लक्षण और प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दे देगा। इसका मुख्य उद्देश्य डॉक्टर्स का समय बचाना, थकान और ऊर्जा की खपत को कम करना, रोगियों के लिए और भी सटीक और तेज निदान उपलब्ध कराने के साथ उपचार प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाना है। इस तकनीक का लक्ष्य डॉक्टर्स का सहायक बनाना है, ना कि उनकी जगह लेना। टीम ने इसे AI BONORx : Bhart Online Nidan Oshadhi Prescription यानी वॉइस ड्रिवन एआई असिस्टेंट नाम दिया है। इंजीनियर राकेश कुमार के निर्देशन में नौ सदस्यीय टीम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्रोफेसर डॉ. योगेश यादव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कविता, टोंक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. लोकेंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार, इंजीनियर डॉ. जितेंद्र, डॉ. धनराज, डॉ. गौरव, छात्र आदित्य सिंह का सहयोग रहा। इंजीनियर राकेश कुमार बताते हैं कि तेज रफ्तार मेडिकल दुनिया में यह डॉक्टर्स का सहयोगी बनेगा। नोट्स लिखेगा, मेडिकल रिपोर्ट पढ़ने में मदद देगा इलाज में मदद मिलेगी आगे क्या… भविष्य की दिशा तय करेगा
यह तकनीक टेलीमेडिसिन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और बड़े अस्पतालों में एक अभिन्न हिस्सा बन सकती है। यह केवल बड़े कॉरपोरेट हॉस्पिटल तक सीमित नहीं रहे बल्कि हर डॉक्टर का डिजिटल सहयोगी बन सके। विशेषता – यह बहुभाषी और मरीजों की अत्याधिक संख्या को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। हिंदी, अंग्रेजी, क्षेत्रीय भाषाओं को समझने की क्षमता, डॉक्टर मरीज से बात करते‑करते वॉइस के माध्यम से ही हिस्ट्री, नोट्स और प्रिस्क्रिप्शन जेनरेट कर सकते हैं। हाथ से लिखने या टाइप करने की आवश्यकता को न्यूनतम कर डॉक्यूमेंटेशन बोझ को घटाता है।


