9 साल से बाइपास निर्माण अधूरा, जाम से लोग परेशान

भास्कर न्यूज | पेण्ड्रा पेण्ड्रा शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली बाइपास सड़क का निर्माण पिछले 9 वर्षों से राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक लेटलतीफी की भेंट चढ़ा हुआ है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह सरकार में शुरू हुई यह योजना भूपेश सरकार के दौर में टेंडर निरस्त होने और अब विष्णुदेव साय सरकार की उपेक्षा के कारण अधर में लटकी है। बाइपास की मांग को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2015-16 में 13 किमी लंबी सड़क के लिए 54.25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। पीडब्ल्यूडी को कार्य एजेंसी बनाया गया और राशि भी जारी कर दी गई। 24 सितंबर 2018 को स्वयं मुख्यमंत्री ने इसका भूमिपूजन किया, लेकिन भूमि अधिग्रहण की कछुआ चाल के कारण काम धरातल पर नहीं उतर सका। 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने चार गुना मुआवजा देने का नियम लागू किया, जिससे परियोजना की लागत बढ़ गई। नवंबर 2020 में मरवाही उपचुनाव से ठीक पहले मतदाताओं को लुभाने के लिए सितंबर 2020 में टेंडर जारी किया गया। चुनाव के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया। हाल ही में 10 फरवरी को अरपा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पेण्ड्रा प्रवास पर थे। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और नपा अध्यक्ष राकेश जालान सहित नागरिकों ने बाइपास की गुहार लगाई, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस घोषणा न होने से क्षेत्रवासियों के हाथ केवल निराशा लगी। प्रस्तावित बाइपास सड़क अमरपुर, धनगवां, भदौरा, सेमरा, पेण्ड्रा, बंधी, अड़भार और कुड़कई से होकर गुजरेगी। भूमि चिह्नांकित है और कुछ को मुआवजा मिला भी है, लेकिन चार गुना मुआवजे की अंतर राशि जारी न होने से पूरी प्रक्रिया ठप पड़ी है। जाम में फंस रहे लोग, सड़क हादसे के मामले भी बढ़े बाइपास न होने से भारी वाहन शहर के बीच से गुजरते हैं, जिससे प्रतिदिन घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती है। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। पेण्ड्रा के नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि जनहित को देखते हुए तत्काल अंतर राशि जारी करने का आदेश दें, ताकि सालों से लंबित इस परियोजना को पूर्ण कर शहर को हादसों से मुक्ति दिलाई जा सके।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *