मंगेतर के मोबाइल में अन्य लड़की के साथ उसका फोटो देखा। उससे पूछा, तो ठीक से जवाब नहीं दिया। गुस्से में बिजली के तार से उसका गला घोंट दिया। किसी को पता नहीं चले, इसलिए सुबह सास को फोन कर दिया। यह कबूलनामा 17 साल की नाबालिग लड़की का है। घटना 11 जनवरी को कटनी के खमरिया गांव की है। 13 जनवरी को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। मृतक 20 साल का सुनील आदिवासी (20) है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के मृतक के परसवारा गांव पहुंची। यहां मृतक के परिजन और एएसपी संतोष कुमार डेहरिया से बात कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की। एएसपी ने बताया कि 11 जनवरी की सुबह रीठी थाना क्षेत्र के खम्हरिया गांव के एक घर में युवक का शव मिला था। उसकी पहचान सुनील आदिवासी के रूप में हुई थी। पुलिस ने लड़की से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने वारदात कबूल कर ली। घर का इकलौता बेटा था सुनील कटनी से विजयराघवगढ़ रोड पर करीब 10 किमी पहले परसवारा गांव के लिए सड़क मुड़ती है। मेन रोड पर एक ओर कच्चे घर बने हैं। वहां एक शख्स से पूछा, तो उन्होंने सुनील के घर का पता बता दिया। तीनों मकान सुनील के ही परिवार के हैं। घर के बाहर 10-12 लोग गमजदा बैठे थे। यहां सुनील के बारे में पूछा, तो उसके पिता रमेश आदिवासी उठे। नम आंखों से उन्होंने बताया कि वह घर का इकलौता था। वही कमाने वाला था। चूना भट्टी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। एक बड़ी बहन शादीशुदा है, जबकि छोटी बहन की शादी की जिम्मेदारी उसी पर थी। काम पर जाने के लिए निकला था, दूसरे गांव चला गया रमेश ने बताया कि 10 फरवरी को सुनील घर से ईंट भट्टे पर काम करने निकला था। वहीं, मां को फसल कटाई के लिए बीना जाना था। इससे पहले, सुनील अपनी मंगेतर से मिलने खम्हरिया गांव चला गया। 11 फरवरी की दोपहर 12:00 बजे मेरे मोबाइल पर कॉल आया कि उसकी मौत हो गई है। यह सुनते ही होश उड़ गए। मैं, भाई कमलेश और अन्य ग्रामीण गांव पहुंचे। वहां बताया गया कि उसे रीठी अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि शव को पोस्टमार्टम रूम में रख दिया गया है। रीठी थाने में बयान दर्ज किए गए। रमेश ने बताया कि सालभर पहले दूर के रिश्तेदार की शादी में वह खम्हरिया गांव गया था। यहां उसकी मुलाकात गांव की ही लड़की से हुई। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। परिवार वालों ने उनकी शादी का निर्णय लिया था। सगाई भी हो गई थी। इसी साल जून महीने में शादी होने वाली थी, लेकिन न जाने लड़की के मन में क्या आया कि इकलौते बेटे की हत्या कर दी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए, ताकि हमें न्याय मिल सके। मां बोली– बेटा बोला था, तुम निकल जाओ, मैं आ जाऊंगा घर के भीतर प्रवेश करते ही 4-5 महिलाएं अनाज साफ करती नजर आईं। इनमें सुनील की मां लक्ष्मीबाई भी शामिल थीं। उन्होंने गहरी सांस लेते हुए बताया कि 10 फरवरी को हम बीना जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान होने वाली बहू का कॉल आया। उसने सुनील को मिलने खम्हरिया गांव बुलाया। सुनील ने मुझसे कहा– मां, तुम मेरे कपड़े रख लो। मैं शाम को कटनी मुड़वारा स्टेशन पर मिलूंगा। यह कहकर दोपहर 2:30 बजे घर से निकल गया। शाम 5:00 बजे जब मैं स्टेशन पहुंची, तो उससे बात हुई। कहा– मैं जल्दी आ जाऊंगा, तुम चिंता मत करना। अगर ट्रेन आ जाए, तो निकल जाना। मैं दूसरी गाड़ी से आ जाऊंगा। मैं ट्रेन पकड़कर बीना पहुंच गई। मैं किसान के डेरे पर पहुंची। दूसरे दिन यानी 11 फरवरी की दोपहर करीब 12:00 बजे होने वाली बहू का कॉल आया। कहा– मां, सुनील कुछ बोल नहीं रहा है, उसे कुछ हो गया है, आप जल्दी आ जाओ। यह कहकर फोन काट दिया। घबराकर मैं वापस घर आई, तो पता चला कि सुनील की मौत हो चुकी है। लक्ष्मीबाई ने रोते हुए कहा, अगर उसे बेटा पसंद नहीं था, तो मना कर देती। हम शादी नहीं करते, लेकिन उसे मारना नहीं था। जिसने मेरे बच्चे को मारा है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए, तभी आत्मा को शांति मिलेगी। मोबाइल चेक करते वक्त देखा था फोटो, गुस्से में मार डाला लड़की ने पुलिस ने को बताया कि हमारी शादी अप्रैल महीने में होने वाली थी, लेकिन किसी कारणवश तारीख आगे बढ़कर जून में हो गई। सगाई हो के बाद सुनील अक्सर घर आता-जाता रहता था। 10 फरवरी को वह पास के गांव मुहासा के मेले में आया था। यहां से रात 8:00 बजे वह घर आ गया। वह नशे में धुत था। दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया। भोजन के बाद सुनील ने दोबारा शराब पी। कमरे में जमीन पर लेटकर मोबाइल चलाने लगा। मैं भी पास ही रखी खटिया भी लेटकर अपना मोबाइल चलाने लगी। इसी बीच, मैंने सुनील का मोबाइल देखना चाहा। गैलरी चेक करते समय उसका फोटो किसी दूसरी लड़की के साथ दिखा। यह देखकर गुस्सा आ गया। सुनील से इस बारे में पूछा, तो ठीक से जवाब नहीं दिया। मैंने कहा कि हमारी शादी होने वाली है, ऐसे में दूसरी लड़की के साथ फोटो रखना गलत है। इस पर सुनील भड़क गया। बोला– मैं ऐसा ही करूंगा, तुझे शादी करनी है, तो कर, वरना मत कर। विरोध करने पर वह गाली–गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देकर थप्पड़ भी मार दिया। मुझे गुस्सा आ गया। पास ही रखे बिजली के तार को गले में फंसाकर कस दिया। दुम घुटने से वह बेहोश हो गया। रात करीब 12:40 बजे एहसास हुआ कि सुनील की मौत हो चुकी है। मैं घबरा गई। डर के मारे दूसरे कमरे में सो रहे माता–पिता को भी नहीं बताया। शव के पास ही रातभर बैठकर सुबह होने का इंतजार करती रही। सुबह होते शव को कमरे से निकाल कर आंगन में रख दिया। शोर मचाया कि सुनील को कुछ हो गया है, वो उठ नहीं रहा है। परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पीएम रिपोर्ट ओर पूछताछ में हत्या का खुलासा एएसपी संतोष डेहरिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि गला घोंटकर हत्या की गई है। हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। परिजन से पूछताछ में पता चला कि घटना के समय होने वाली नाबालिग बहू और सुनील एक ही कमरे में थे। इससे पुलिस को शक हुआ। महिला पुलिस टीम के सहयोग से चार घंटे लड़की से पूछताछ की गई। शुरुआत में वह बयान बदलती रही, लेकिन सख्ती करने पर वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने लड़की को हिरासत में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया, जहां से बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।


