झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को आईएएस अफसर पूजा सिंघल की याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने सुनवाई के बाद ईडी को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया। इससे पूर्व पूजा सिंघल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के बाद भी निचली अदालत ने ईडी की प्रॉसिक्यूशन कंप्लेन पर संज्ञान लिया है, जो न्याय संगत नहीं है। इसलिए, निचली अदालत के संज्ञान को रद्द करना चाहिए। पूजा सिंघल की ओर से हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अजय शाह और स्नेह सिंह ने पक्ष रखा। मालूम हो कि इससे पूर्व 3 जनवरी को पूजा सिंघल की याचिका पर सुनवाई हुई थी। कोर्ट को बताया गया था कि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक केस चलाने के लिए सीआरपीसी की धारा-197 के तहत अभियोजन स्वीकृति जरूरी है, पर ईडी ने ऐसा नहीं किया है। इसलिए, उनके खिलाफ दर्ज केस को निरस्त किया जाए।


