भस्मारती से पहले कैबिनेट मंत्री ने भी गर्भगृह में जाकर जल चढ़ाया
महाशिवरात्रि पर रविवार की दोपहर में तहसील की पूजन के दौरान सांसद की बहन योगेश्वरी फिरोजिया, उपनिदेशक कालिदास संस्कृत अकादमी और महापौर मुकेश टटवाल महाकाल के गर्भगृह में बिना अनुमति पहुंच गए। इसके पहले सुबह कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी गर्भगृह में पहुंचकर जल चढ़ाया। दिनभर मंदिर के गलियारों में चर्चा रही कि जनता ने तो समझदारी दिखाई और बैरिकेड्स में कतार में लगकर दर्शन किए, लेकिन वीवीआईपी कब जिम्मेदारी समझेंगे। मंदिर समिति ने महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश 4 जुलाई 2023 से बंद किया था। सावन माह में अत्यधिक भीड़ के कारण इसे अस्थाई रूप से बंद किया था, लेकिन इसे सामान्य दर्शन के लिए नहीं खोला गया है। इस बीच पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट में भी इस संबंध में याचिका लगाई गई, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। हाल ही में हाईकोर्ट ने कहा है कि इस संबंध में कलेक्टर ही अनुमति दे सकते हैं। इधर… वीआईपी व्यवस्था देख सांसद नाराज, बैरिकेड्स से किए दर्शन मंदिर में वीआईपी व्यवस्था को देखकर सांसद अनिल फिरोजिया नाराज हो गए। उन्होंने आपत्ति जताई और खुद बैरिकेड्स के पीछे से दर्शन करने पहुंच गए। हालांकि मंदिर के अफसरों ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की, लेकिन वे नहीं माने। दरअसल वे दोपहर में तहसील पूजा के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान जिला अफसरों को पूजन और आम लोगों को बैरिकेड्स से दर्शन करने पर वे उखड़ गए। गर्भगृह में जाने पर ये बोले जिम्मेदार समिति में सदस्य हूं, दर्शन किए जा सकते ^ महापौर पदेन सदस्य होने के कारण महाकाल प्रबंध समिति में शामिल होते हैं। इस आधार पर दर्शन किए जा सकते हैं, इसमें कोई विशेष या अलग व्यवस्था नहीं है। एक्ट के प्रावधानों के अनुसार जनप्रतिनिधियों में केवल महापौर ही समिति के सदस्य होते हैं।
– मुकेश टटवाल, महापौर भावना में बहकर चली गई थी, खेद है
मेरे सामने मेरे पिता महादेव थे। साथ में वरिष्ठ नागरिक मेरी माता। उस समय भावनाओं में बहकर मैं गर्भगृह में चली गई थी। जिसका मुझे खेद है। रही बात परिधान की तो उस समय मुझे केवल बाबा ही दिखाई दे रहे थे, जिससे परिधान का ध्यान नहीं रखा।
-डॉ. योगेश्वरी फिरोजिया, उपनिदेशक कालिदास संस्कृत अकादमी और सांसद की बहन


