महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। रात 10 बजे तक 5.50 लाख से अधिक भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। रविवार का दिन होने से भीड़ में लगातार इजाफा हो रहा और देर रात तक संख्या और बढ़ने का अनुमान है। शहर के होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल हो चुके हैं। मंदिर के पट रात 2:30 बजे विधिवत खोले गए। मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में पूजन और जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक हुआ। भगवान महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप में शृंगार किया गया। ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म रमाई गई। तड़के हुई भस्म आरती में पासधारी श्रद्धालुओं के साथ चलित भस्म आरती के दर्शन भी कराए गए। मंदिर समिति के अनुसार श्रद्धालुओं को औसतन 40 मिनट में दर्शन कराए जा रहे हैं। चार पहर की विशेष पूजा के चलते मंदिर के पट 44 घंटे लगातार खुले रहेंगे। वहीं भोजपुर स्थित भोजेश्वर मंदिर में भी सुबह 3:30 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गई थीं। शाम 4 बजे तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम 5:30 बजे मंदिर पहुंचे और भगवान भोजेश्वर की पूजा-अर्चना की। प्रशासन की ओर से छांव, कालीन और यातायात की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे दिनभर दर्शन और आवागमन सुचारु रूप से चलता रहा। भगवान महाकाल की भस्म आरती की 6 तस्वीरें देखिए… खबर से जुड़े मिनट टू मिनट अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


