शिक्षकों ने सीखे रचनात्मक शिक्षण के गुर

बोकारो | सेक्टर-4 एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षाक-शिक्षिकाओं के लिए कहानी कथन विषय पर क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। शुभारंभ डीपीएस चास की प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी, अय्यप्पा पब्लिक स्कूल की प्राचार्या पी. शैलजा जयकुमार व एमजीएम के प्राचार्य फादर डॉ. जोशी वर्गीस ने संयुक्त रूप से किया। प्राचार्य फादर वर्गीस ने कहा कि कहानी कथन रचनात्मकता, कल्पनाशीलता, भाषा कौशल और नैतिक मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है। यह विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कृति से परिचित कराने के साथ-साथ समस्या समाधान क्षमता और भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ाता है। रिसोर्स पर्सन डॉ. तिवारी ने कहानी कथन और कहानी पठन के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि शिक्षक प्रभावी ढंग से दृश्यात्मक प्रस्तुति के साथ कहानी वाचन करते हैं, तो वह लंबे समय तक याद रहती है।

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