मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में एक घायल नर तेंदुए की इलाज के दौरान मौत हो गई। तेंदुआ शनिवार को सरही परिक्षेत्र के दलदला बीट कक्ष क्रमांक 729, एनीकट नाला (बेंदीवारे दलदला वनमार्ग) पर घायल अवस्था में पाया गया था। वनकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद कान्हा टाइगर रिजर्व भुआ बिछिया और स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ जबलपुर के पशु चिकित्सकों की एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने त्वरित बचाव अभियान चलाकर तेंदुए का इलाज किया। इलाज के बाद उसे रेस्क्यू वाहन से मुक्की अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। रविवार को तेंदुए का पोस्टमार्टम सम्पन्न राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) नई दिल्ली और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश भोपाल के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, रविवार को मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। यह पोस्टमार्टम डॉ. अमोल रोकड़े (स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर), डॉ. दीपाली परते (पशु चिकित्सा अधिकारी, भुआ बिछिया) और डॉ. विशाल उद्दे की टीम ने किया। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए और प्रथम दृष्टया उसकी मौत स्वाभाविक प्रतीत हुई। निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर उप संचालक (कोर) पी.के. वर्मा, सहायक संचालक बंजर सूरज सिंह सेन्द्राम, तहसीलदार भुआ बिछिया शंकरलाल मरावी, सरपंच किसली भिलवानी डीलन सिंह सैयाम, एनटीसीए प्रतिनिधि ओमकार नर और मानक वन्यप्राणी अभिरक्षक चंद्रेश खरे सहित वन परिक्षेत्र सरही का अमला उपस्थित था।


