नशे के साम्राज्य पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक:गुढ़ागौड़जी पुलिस ने ढहाया तस्करी का पुश्तैनी किला, पिता की मौत के बाद बेटों ने संभाली थी अफीम की काली विरासत

शेखावाटी की धरती पर नशे के सौदागरों के खिलाफ गुढ़ागौड़जी पुलिस ने एक बड़ी स्ट्राइक की है। पुलिस ने भाटीवाड़ गांव में एक ऐसे घर पर दबिश दी, जहां पीढ़ियों से नशे का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस ने यहां से करीब 5 लाख रुपये मूल्य की डेढ़ किलो अफीम बरामद कर एक आरोपी को दबोच लिया है, जबकि उसका भाई पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस की तफ्तीश में जो कहानी निकलकर सामने आई है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आरोपी संदीप और प्रदीप के पिता सागरमल ने सालों पहले अवैध शराब से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। बाद में उसने पंजाब-हरियाणा से अफीम लाकर तस्करी शुरू कर दी। पिता सागरमल 2014 में अफीम के साथ पकड़ा गया था और 4 साल जेल में बिताकर 2018 में बाहर आया। बेटों ने बढ़ाया काम: साल 2024 में सागरमल की मौत के बाद उसके दोनों बेटों ने पिता के पुराने नेटवर्क को फिर से जीवित किया और हरियाणा बॉर्डर से सटे क्षेत्र में अफीम की सप्लाई शुरू कर दी।
खाकी को रोकने के लिए महिलाओं का ड्रामा थानाधिकारी सुरेश कुमार रोलन के नेतृत्व में जब पुलिस टीम भाटीवाड़ स्थित तस्करों के ठिकाने पर पहुंची, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस को कार्रवाई करने से रोकने के लिए परिवार की तीन महिलाओं ने जमकर विरोध किया। पुलिस के काम में बाधा डालने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने तीनों महिलाओं को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
फरार आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से संदीप पुत्र सागरमल को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान अफीम के साथ-साथ तौल कांटा, बाट और पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला वारदाना भी मिला है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यहाँ से अफीम की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर सप्लाई की जाती थी। गिरोह का दूसरा सदस्य प्रदीप अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। गुढ़ागौड़जी थानाधिकारी सुरेश रोलन ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। हमारा लक्ष्य नशे की इस चैन को पूरी तरह से तोड़ना है।

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