मंडफिया थाना क्षेत्र में रविवार रात दो व्यापारियों की कार पर चार नकाबपोश बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। बदमाश दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे और उनके हाथों में लकड़ियां थीं। जैसे ही व्यापारियों ने गाड़ी की रफ्तार ब्रेकर पर कम की, बदमाशों ने कार को घेर लिया और लकड़ियों से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से कार क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों व्यापारी घबरा गए। घटना पोटला से धनेत के बीच आक्या जीएसएस के बाहर की बताई जा रही है। रात के समय सुनसान इलाके में हुई इस वारदात से क्षेत्र में डर का माहौल बन गया। दर्शन के लिए जा रहे थे श्री सांवलिया जी पीड़ित व्यापारी भदेसर निवासी प्रदीप (42) पुत्र पुखराज सरुपरिया हैं, जो ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं। उनके साथ उनके पार्टनर चंद्रप्रकाश (48) पुत्र संपतलाल खोडपिया भी थे। दोनों मिलकर प्रॉपर्टी का काम भी करते हैं और चंद्रप्रकाश की किराने की दुकान भी है। दोनों श्री सांवलिया जी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। प्रदीप ने बताया कि उनकी तबीयत काफी समय से खराब चल रही थी। ठीक होने के बाद उन्होंने सोचा कि सांवरा सेठ के दर्शन करने जाएं। इसी भावना से दोनों रात में कार से मंदिर के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में यह हमला हो गया। सूझबूझ से बचाई जान हमले के दौरान दोनों व्यापारियों ने घबराए लेकिन सूझबूझ भी दिखाई। जैसे ही बदमाश कार पर वार कर रहे थे, उन्होंने तुरंत गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। इस दौरान एक बाइक को टक्कर भी लगी, लेकिन वे बिना रुके वहां से निकल गए। वे जंगल के रास्ते होते हुए आक्या गांव पहुंचे और वहां स्थानीय परिचित के घर शरण ली। व्यापारियों का कहना है कि अगर वे हिम्मत नहीं दिखाते तो बड़ी घटना हो सकती थी। उनकी सूझबूझ से उनकी जान बच गई और वे सुरक्षित स्थान तक पहुंच पाए। पुलिस को दी सूचना, जांच शुरू आक्या गांव पहुंचने के बाद व्यापारियों ने तुरंत मंडफिया थानाधिकारी रविंद्र सेन को फोन पर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और आसपास तलाश की, लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और कार को हुए नुकसान की जानकारी ली। देर रात दोनों व्यापारी वापस अपने घर भदेसर लौट आए। इस घटना की उन्होंने मंडफिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।


