अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (ARISDA), जिला इकाई झुंझुनू ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, झुंझुनू के प्रिंसिपल डॉ. राकेश साबू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने प्रिंसिपल पर अवैध रूप से छह विशेषज्ञ डॉक्टरों को उनके पद (Designation) से हटाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के सचिव को ज्ञापन भेजा गया है।
नियमों को ताक पर रखकर ‘डी-डेजिग्नेशन’ डॉक्टरों का आरोप है कि प्रिंसिपल डॉ. राकेश साबू ने पिछले छह महीनों के भीतर छह अनुभवी डॉक्टरों को उनके पदों से हटा दिया है। यह कार्रवाई तब की गई है जब इन डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना के समय से ही शिक्षण और मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ज्ञापन में इसे पूरी तरह से “दुर्भावनापूर्ण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के विरुद्ध” बताया गया है। NMC और सरकार के आदेशों का उल्लंघन अध्यक्ष डॉ एस जब्बार ने बताया कि जून 2024 में NMC और 17 जुलाई 2024 को राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (RajMES) ने मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टरों को पदनामित (Designation) करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत 48 डॉक्टरों को नामित किया गया था, जिसके आधार पर कॉलेज को मान्यता मिली। अब इनमें से डॉक्टरों को हटाना सरकारी मंशा के विपरीत बताया जा रहा है।
प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप प्रक्रिया की अनदेखी: राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार किसी भी कार्रवाई से पहले ‘कारण बताओ नोटिस’ या सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है, जिसका इस मामले में पालन नहीं किया गया। शिक्षा पर संकट: फार्माकोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विभागों में अब कोई संकाय (Faculty) नहीं बचा है, जिससे छात्रों की पढ़ाई ठप हो गई है।
भेदभावपूर्ण रवैया: एक सेवानिवृत्त डॉक्टर (डॉ. वीर सिंह झाझरिया) का पदनाम अभी भी बना हुआ है, जबकि सेवा दे रहे डॉक्टरों को हटाया जा रहा है।
ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें जिला कलेक्टर के माध्यम से डॉ. राघव लंगर (IAS), सचिव, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग को भेजे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें की गई हैं। हटाए गए छह डॉक्टरों का ‘डी-डेजिग्नेशन’ आदेश तुरंत रद्द किया जाए। एकतरफा और दमनकारी कार्रवाई के लिए प्रिंसिपल डॉ. राकेश साबू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो। प्रिंसिपल को उनके पद से तत्काल हटाया जाए। आंदोलन की चेतावनी अरिसदा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे प्रदेश में आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में संघ के संरक्षक डॉ. जितेन्द्र भाम्बू (PMO), अध्यक्ष डॉ. एस. ए. जब्बार और महासचिव डॉ. राजेन्द्र ढाका सहित अन्य चिकित्सक शामिल हैं।


