डमरू और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचे बाराती:महाशिवरात्रि पर विधि-विधान से शिव-विवाह; रुद्राभिषेक से भगवान का श्रृंगार

सिवनी में महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के प्राचीन मठ मंदिर सहित लक्ष्मीनारायण मंदिर, एशिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग, लखनादौन के मठ घोघरा स्थित शिवलिंग और शंकर मढ़िया जैसे प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान शिव बारात निकाली गई और शिव-गौरा का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न हुआ। मठ मंदिर में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा के साथ हुआ था। लक्ष्मीनारायण मंदिर में शिवरात्रि महोत्सव के दौरान भगवान शिव-गौरा को छप्पन भोग अर्पित किया गया और उनका भव्य श्रृंगार किया गया। एशिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग का भी विशेष पूजन और फूलों से श्रृंगार किया गया। मठ मंदिर और शंकर मढ़िया से बारातें निकाली शहर के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर मठ मंदिर और शंकर मढ़िया से भव्य शिव बारातें निकाली गईं। इनमें भक्त पारंपरिक नृत्य करते हुए शामिल हुए। बारात में भगवान शिव की सजीव झांकी, डमरू दल, ढोल-नगाड़े, भूत-पिशाच रूपी गण और आकर्षक धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। युवाओं ने शिव तांडव स्तोत्र की प्रस्तुति दी। शाम को यह बारात मठ मंदिर से शुरू होकर ढीमरी मोहल्ला, दुर्गा चौक, गिरजाकुंड, नगर पालिका चौक, शंकर मढ़िया, महावीर मढ़िया और छिंदवाड़ा चौक होते हुए वापस मठ मंदिर प्रांगण पहुंची। यहां भगवान शिव और माता पार्वती के प्रतीकात्मक स्वरूप का विवाह विधि-विधान से संपन्न कराया गया। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी की गई। मंदिर में रुद्राभिषेक और भगवान का श्रृंगार किया धनोरा सिद्ध पीठ शिव मंदिर में रुद्राभिषेक और भगवान का श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और विशेष पूजन-अर्चन किया। कई भक्तों ने व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया था, जिससे पूरे नगर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए थे। लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी आयोजन शहर के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर समिति की ओर से भी शिव-पार्वती विवाह उत्सव का आयोजन किया गया। बस स्टैंड स्थित मंदिर परिसर में हल्दी एवं संगीत कार्यक्रम के साथ विवाह की पारंपरिक रस्में निभाई। जिलेभर के लोग बने बाराती:-बारात शहर के भ्रमण में निकली जहां जिलेभर आये लोग बाराती बने। और रास्तेभर डोल बाजो की धुन में नाचते नजर आए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *