हनुमानगढ़ के भादरा थाने में 2 युवकों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 9.40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हरियाणा के हिसार निवासी संजय और राहुल सिंह ने भादरा थाने में जनाना निवासी प्रवीण और उसके पिता जयवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवादियों के अनुसार, पड़ोसी गांव बैर के एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात प्रवीण से हुई थी। प्रवीण ने उन्हें रूस में 3 साल के वर्क वीजा और 1 लाख रुपए मासिक वेतन का झांसा दिया। आरोपियों ने प्रति व्यक्ति 4.70 लाख रुपए का खर्च बताया और यह राशि अलग-अलग किश्तों में फोन-पे और बैंक खाते में जमा करवाई। संजय ने बताया कि उन्होंने अपने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी आरोपियों को सौंप दिए थे। परिवादियों ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को दोनों भाई उचाना मंडी से पासपोर्ट-वीजा लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और 30 दिसंबर को मॉस्को के लिए रवाना हुए। मॉस्को पहुंचने पर एजेंट ने उनके पासपोर्ट अपने पास रख लिए। 8 जनवरी 2026 को जब पासपोर्ट लौटाए गए, तो दोनों के वीजा एक-दूसरे के पासपोर्ट पर चिपके मिले। जांच में पता चला कि वर्क वीजा फर्जी था और वास्तव में टूरिस्ट वीजा जारी किया गया था, जिसे वर्क वीजा में परिवर्तित नहीं किया जा सकता था। दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में भी वीजा को नकली बताया गया। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने कुल 9.40 लाख रुपए हड़प लिए। इसके अलावा, रूस आने-जाने और वहां रहने में उन्हें करीब 4.40 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़े। लगभग 40 दिन की मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद दोनों भाई भारत लौटे। भादरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई जगदीश प्रसाद को सौंपी है।


