शेर ए पंजाब किसान यूनियन ने मोगा जिले के धरमकोट कस्बे में एक बैठक आयोजित की। इसमें किसान मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह फौजी और जिला प्रधान आत्मा सिंह धूरकोट ने संयुक्त प्रेस नोट जारी कर घोषणा की कि 17 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुतले फूंके जाएंगे। यूनियन नेताओं के अनुसार, प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025, मुक्त व्यापार समझौता और सीड बिल जैसे कानून भारतीय किसानों के लिए ‘घातक’ साबित हो सकते हैं। उनका मानना है कि ये नीतियां खेती व्यवस्था को कमजोर करेंगी और किसानों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगी। नेताओं ने तर्क दिया कि इन फैसलों से डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्म और अन्य ग्रामीण रोजगार साधनों जैसे खेती से जुड़े सहायक व्यवसायों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। चंडीगढ़ के बैठक में लिया गया था फैसला यूनियन ने बताया कि यह निर्णय हाल ही में चंडीगढ़ के किसान भवन में हुई संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की बैठक में लिया गया था। नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की चुप्पी केंद्र सरकार की नीतियों के साथ उसकी सहमति को दर्शाती है। इसी कारण पंजाब सरकार के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में जगजीत सिंह खोसा, जगदेव सिंह काकू, दुल्ला सिंह, कुलवंत सिंह (इकाई प्रधान), मनजिंदर सिंह (खजांची), अमृतपाल सिंह और सतपाल सिंह सहित कई अन्य नेता उपस्थित थे। यूनियन ने दोहराया कि किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।


