सतना जिले के बिरसिंहपुर स्थित गैबीनाथ धाम में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रविवार देर शाम भगवान महादेव की पारंपरिक बारात निकाली गई, जिसके बाद रात लगभग 2 बजे शिव-पार्वती का विवाह विधि-विधान से संपन्न हुआ। महादेव को सजी-धजी बग्घी में विराजमान कर गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आकर्षक सजावट के साथ नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। बारात में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाराती के रूप में शामिल हुए। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भजन-कीर्तन करते हुए झूमते नजर आए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर भक्तों द्वारा प्रसाद वितरण और जलपान की भी व्यवस्था की गई थी। शिव मंदिर से प्रारंभ हुई यह भव्य बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पार्वती मंदिर पहुंची। यहां पुजारियों और मंदिर समिति द्वारा बारात का पारंपरिक रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। द्वार पूजा की रस्म के बाद विवाह से जुड़े मांगलिक कार्यक्रम शुरू हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच विवाह संपन्न हुआ। मंदिर के पुजारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार शिव-पार्वती विवाह की सभी रस्में विधिवत निभाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि वर पक्ष और वधू पक्ष की भूमिका दोनों मंदिरों के पुजारी और उनके परिवार के सदस्य निभाते हैं, जिससे यह आयोजन जीवंत बना रहता है।


