सोमवार को रतलाम में अधिवक्ताओं ने न्यायालयीन कार्य से विरक्त रहकर विरोध प्रदर्शन किया। वकील कलेक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन एसडीएम आर्ची हरित को सौंपा। उनकी मुख्य मांग अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की रही। किस घटना के विरोध में 14 फरवरी को शिवपुरी जिला में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने उस समय हमला किया जब वे यूनिफॉर्म में कोर्ट जा रहे थे। इस घटना के बाद प्रदेशभर के वकीलों में आक्रोश फैल गया। प्रदेश स्तर पर निर्णय घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया था। इसी के तहत रतलाम में भी वकीलों ने एकजुट होकर कामकाज बंद रखा। सोमवार को अधिवक्ताओं ने किसी भी मामले में पैरवी नहीं की। कोर्ट परिसर में सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं और वकील विरोध जताने के लिए एकत्र हुए। अध्यक्ष ने जताई चिंता जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में वकील खुद को असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदेश सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन उदासीनता के चलते अब तक इसे लागू नहीं किया गया। न्याय दिलाने में जोखिम ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अधिवक्ता अपने पक्षकारों के हितों की रक्षा के लिए पूरी क्षमता से काम करते हैं। कई बार उन्हें अपराध जगत से जुड़े बाहुबली लोगों का सामना भी करना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। संघ का कहना है कि समाज के वंचित और गरीब तबके को न्याय दिलाने में अधिवक्ता हमेशा आगे रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। एक्ट लागू करना जरूरी अधिवक्ताओं ने कहा कि मौजूदा हालात में प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे निर्भीक होकर अपना दायित्व निभा सकें। इस दौरान अध्यक्ष शर्मा के साथ सचिव चेतन केलवा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में सुरक्षा कानून की मांग दोहराई।


