टीकमगढ़ में सोमवार को जिला अधिवक्ता संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। शिवपुरी के करेरा में वरिष्ठ वकील की हत्या और टीकमगढ़ में वकीलों के साथ लगातार हो रही वारदातों के विरोध में यह कदम उठाया गया। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करने और एसपी को हटाने की मांग की। संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने बताया कि शिवपुरी के करेरा में सीनियर वकील संजय सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे प्रदेश के वकीलों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में वकीलों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। टीकमगढ़ पुलिस पर लापरवाही के आरोप ज्ञापन में टीकमगढ़ जिले में वकीलों के साथ हुई तीन बड़ी घटनाओं का जिक्र किया गया है। ब्रजकिशोर तिवारी और उनके परिवार पर जानलेवा हमला हुआ। वहीं, सुमित्रा राजपूत और उनके पति के साथ अस्पताल में 25-30 लोगों ने मारपीट की, लेकिन पुलिस ने वीडियो होने के बावजूद सिर्फ एक व्यक्ति पर केस दर्ज किया। इसके अलावा, भूपेंद्र बिरथरे के गैरेज में वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपी को नहीं पकड़ा। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ ढुलमुल रवैया अपना रही है, जिससे उनके हौसले बढ़ रहे हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी अधिवक्ता संघ ने साफ कहा है कि यदि इन मामलों में अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकाल के लिए पुलिस से जुड़े सभी कानूनी कामों का बहिष्कार कर देंगे। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ तुरंत लागू किया जाए और टीकमगढ़ एसपी को पद से हटाया जाए।


