अलवर में रिटायरमेंट से पांच महीने पहले सीनियर टीचर के सुसाइड मामले में परिजनों और कांग्रेस एससी मोर्चा के पदाधिकारी सोमवार को सचिवालय पहुंचे। प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा- जिन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक शिक्षक के बेटे को सरकारी नौकरी और परिवार को सरकारी फंड से आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी गई। कांग्रेस एससी विभाग के जिला अध्यक्ष जल्ला राम जाटव ने बताया- सीनियर टीचर बड्डन लाल को स्कूल के कुछ स्टाफ द्वारा मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनके अनुसार, मृतक पर इतना दबाव बना दिया गया कि उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के आठ दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मामला 8 फरवरी का है। ढहलावास स्कूल में कार्यरत सीनियर टीचर बड्डन लाल ने गांव निर्भमपुरा में अपने घर से करीब 100 मीटर दूर एक गैराज में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब 2000 शब्द का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें तीन प्रिंसिपल सहित सात लोगों के नाम लिखे गए। नोट में प्रताड़ना, शराब के नशे में गाली-गलौज और अत्यधिक कार्यभार डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी और सात सरकारी शिक्षकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, आठवें दिन तक कार्रवाई नहीं होने से गांव और समाज के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। — टीचर की आत्महत्या से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़ें..


