धार नगर पालिका के साधारण सम्मेलन का सोमवार को पार्षद सारिका अजय सिंह ठाकुर ने बहिष्कार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से शहर के बुनियादी विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है। पार्षद ने कर्मचारियों के रुके हुए वेतन और दूषित जलापूर्ति को लेकर सत्ताधारी परिषद और अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा। पार्षद सारिका ठाकुर ने बताया कि नपा में आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले 6 से 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। वहीं, स्थायी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का भी तीन महीने का वेतन बकाया है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के एनपीएफ, जीपीएफ और ईपीएफ की राशि भी समय पर जमा नहीं की जा रही है। तालाबों में मिल रहा गंदा पानी पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शहर के जलस्रोत खुले तालाब हैं। इनमें सीवेज और गंदा पानी मिल रहा है, लेकिन इसी पानी को शहर में सप्लाई किया जा रहा है। यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। विपक्ष के वार्डों में काम बंद ठाकुर ने आरोप लगाया कि परिषद की बैठकें नियमित रूप से नहीं होतीं और जब होती हैं, तो विपक्षी पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों की अनदेखी की जाती है। सम्मेलन में केवल उन्हीं वित्तीय प्रस्तावों को शामिल किया गया, जिनसे सत्ताधारी दल और अधिकारियों को लाभ हो सकता था। आंदोलन की चेतावनी पार्षद सारिका ठाकुर ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेंगी।


