हरदा में भारतीय किसान संघ (बीकेएस) जिला हरदा की मासिक बैठक सोमवार को जिला मंत्री विजय मलगाया के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 27 फरवरी को आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से आगामी गेहूं खरीदी 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, संघ ने मक्का को खरीफ फसल में अधिसूचित कर भावांतर योजना या समर्थन मूल्य पर खरीदने की भी मांग की। किसानों ने यह भी मांग की कि जिन किसानों की सोयाबीन 3500 रुपए प्रति क्विंटल से कम में बिकी है, उन्हें भावांतर राशि का भुगतान किया जाए। भावांतर योजना में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके और मंडियों में कोई भी उपज समर्थन मूल्य से कम पर न बिके। मुआवजा देने की मांग की गई
क्षतिपूर्ति से वंचित किसानों को भी मुआवजा देने की मांग की गई। साथ ही, उन किसानों को भी फसल बीमा का लाभ देने की बात कही गई जिन्होंने 72 घंटे की समय सीमा में सूचना नहीं दी थी। सिंचाई संबंधी मांगों में नहरों में आवश्यकतानुसार पानी चलाने और आगामी मूंग फसल के लिए नहरों में पानी उपलब्ध कराने की मांग शामिल थी। विशेष रूप से, मूंग फसल के लिए माचक नहर में ओसरा बंदी न करने का आग्रह किया गया। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि गेहूं की 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी और मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग को लेकर 27 फरवरी को आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जिला, प्रांत, प्रदेश और सभी तहसीलों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।


