कर्मचारी महासंघ ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन:वेतन विसंगति, पदोन्नति, ओपीएस सहित 20 से अधिक मांगें उठाईं

राजस्थान राज कर्मचारी महासंघ की बारां जिला इकाई ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष देवेंद्र मीणा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन सौंपने से पहले कर्मचारियों ने “राष्ट्र हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम” और “कर्मचारी महासंघ जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। इस दौरान प्रदेश सहमंत्री नंदलाल केसरी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मांगों के पूरा होने तक सभी को सामूहिक एकता बनाए रखनी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि एकजुटता से ही कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संभव है। महासंघ ने ज्ञापन में 20 से अधिक प्रमुख मांगें रखीं। इनमें ग्राम प्रतिहारियों को अल्पकालीन से पूर्णकालिक करने, वेतन विसंगतियां दूर करने और मानदेय कर्मियों के मानदेय में वृद्धि करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय कर्मचारियों के लिए निदेशालय स्थापना, 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर समयबद्ध पदोन्नति, आरजेएचएस योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग और प्रबोधक संवर्ग की पदोन्नति की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में प्रयोगशाला सहायक अध्यापकों का समायोजन, राज्य सेवा में समान सिद्धांत के आधार पर पदोन्नति गणना, सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन परिलाभ का भुगतान, नर्सिंग निदेशालय की स्थापना और नर्सिंग कर्मियों को केंद्र के समान वेतनमान प्रदान करना शामिल है। विश्वविद्यालय कर्मियों को राज्य सरकार के समान वेतन और आयुष नर्स को मेडिकल नर्स के समान वेतनमान देने की मांग भी की गई। महासंघ ने शिक्षा कर्मी बोर्ड व लोक जुम्बिश कर्मचारियों के समायोजन, 10 वर्ष तक प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि, शिक्षा अधीक्षक के 56 नए पद सृजित करने, वर्ष 2023-24 की बजट घोषणाओं को लागू करने और अप्रैल 2022 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) का लाभ देने की मांग भी उठाई। चुंगी कर्मियों को पंचायत राज कर्मचारियों के समान वेतन-भत्ते, मेस-कैंटीन व्यवस्था, कर्मचारी कल्याण बोर्ड का गठन तथा सहायक चिकित्सा विभाग में सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए ब्रिज कोर्स करवाने की मांग भी ज्ञापन का हिस्सा थी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार मीणा, बीएमसी जिलाध्यक्ष शंकरलाल सुमन, महामंत्री पंकज राठौड़, नर्सिंग एसोसिएशन से ब्रजराज सिंह तंवर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बारां में डेयरी संघ बनने के बाद समितियों से प्रतिदिन मिलने वाले दूध की मात्रा में बढ़ोतरी हो चुकी है। दूध की क्वालिटी भी अच्छी मिल रही है। जिले में एकत्रित होने वाले दूध को चिलिंग प्लांट से प्रोसेस के लिए भीलवाड़ा भिजवाया जा रहा है, जिससे परिवहन का खर्च भी बढ़ रहा है।

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