चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम को एक ही दिन में 2 सफलताएं मिली हैं। इन कार्रवाइयों में भारी मात्रा में अवैध डोडा चूरा और अफीम जब्त की गई है। पहली कार्रवाई गंगरार उपखंड क्षेत्र के मान सिंह जी का खेड़ा गांव में की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने एक बाड़े पर छापा मारा। सूचना मिली थी कि वहां बड़ी मात्रा में डोडा चूरा छिपाकर रखा गया है। जब टीम मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश में बाड़े में खड़ी एक गाड़ी में आग लगा दी। आग लगने से वहां बंधे मवेशियों की जान को भी खतरा हो गया। स्थिति गंभीर देखकर नारकोटिक्स के एक जवान ने हिम्मत दिखाई और करीब 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उसने अंदर से गेट खोला, जिससे बाकी टीम भी अंदर पहुंच सकी। आग से घबराए भैंसों को खोलकर सुरक्षित बाहर निकाला गया और फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग पर काबू पाया गया। तलाशी के दौरान मौके से 323.630 किलोग्राम डोडा चूरा और एक लग्जरी गाड़ी जब्त किया गया। जब्त डोडा चूरे की अनुमानित कीमत 16 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। झाजलवास में छापा, अफीम और डोडा चूरा बरामद दूसरी कार्रवाई डूंगला तहसील के झाजलवास गांव में की गई। उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा नरेश बुंदेल ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सीबीएन चित्तौड़गढ़ सेल और चित्तौड़गढ़ डिवीजन-3 की संयुक्त टीम ने एक मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से 9.570 किलोग्राम अवैध अफीम और 163.420 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया। दोनों मादक पदार्थों की बाजार कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। टीम ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। दोनों मामलों में अलग-अलग जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।


