बालागढ़ गांव में शव रखकर स्टेट हाईवे -34, नगरफोर्ट-धूनी रोड जाम कर रहे लोगों को बुधवार सुबह समझा कर लौट रही पुलिस के काफिले पर भीड़ ने पथराव कर दिया। पथराव में देवली एसडीएम, मालपुरा एएसपी, देवली डीएसपी के वाहन समेत चार सरकारी वाहनों के शीशे टूट गए। अचानक हुए पथराव पर भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हवाई फायर किए। इस पर लोग इधर-उधर हुए। फिर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जान बचाकर घाड़ थाने पहुंचे। उल्लेखनीय है कि टोंक जिले के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र के बालागढ़ में मंगलवार शाम को ट्रैक्टर से कुचलकर एक ड्राइवर की मौत हो गई थी। इसके विरोध में लोगों ने मंगलवार शाम को रोड जाम कर दिया था। रात भर ये लोग वहीं बैठे रहे। पुलिस बुधवार सुबह इन्हें समझाने गई थी। तभी लोगों ने पुलिस गाड़ियों पर पथराव कर दिया। इस बवाल के बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी लोगों के समर्थन में पहुंचे गए। पहले से ही घाड़ थाने में बैठकर पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए एसपी विकास सांगवान को पूरे मामले से अवगत कराया। फिर मृतक के पिता, भाई और कुछ ग्रामीणों को घाड़ थाने में सुलह के लिए बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों, बीसलपुर परियोजना एडीएम भूपेंद्र यादव आदि ने बातचीत की। इस दौरान कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह राजावत, आवां सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज आदि ने भी सुलह के प्रयास किया। दोपहर में कलेक्टर डॉक्टर सौम्या झा भी घाड़ थाने पर पहुंच गईं। ग्रामीणों ने रखी ये मांग
एसपी विकास सांगवान ने बताया कि ग्रामीणों की ओर पचास लाख की सहायता, मृतक के एक परिजन को नौकरी देने, ट्रैक्टर चढ़ाने वाले पुलिसकर्मी पर हत्या का मामला दर्ज करने आदि की मांग रखते हुए सहायता राशि मौके पर देने सहित नौकरी के लिए लिखित में देने को कहा जिस पर दोपहर तक सहमति नहीं बन पाई। अभी समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। SP विकास सांगवान ने बताया कि सुबह जाम स्थल पर लोगों को समझाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घाड़ की ओर लौट रहे थे। इस दौरान रास्ते में भीड़ रोड पर आ गई और रास्ता रोककर पथराव किया। इसमें वाहनों के शीशे टूट गए। अभी भी मृतक परिवार और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल से जाम हटाकर शव उठाने के लिए समझाया जा रहा है। मृतक का भाई बोलो- हत्यारे को गिरफ्तार करें
मृतक के भाई चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि उसके भाई पर ट्रैक्टर चढ़ा कर मारा है। हत्यारे को गिरफ्तार करें। फांसी की सजा हो। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि एक एक थप्पड़ मारने पर जब नरेश मीणा को तीन महीने तक जेल में डाल सकते हैं तो ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या करने वाले पुलिसकर्मी को पहले गिरफ्तार करें। फिर अन्य मामलों पर बात करें। मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी दें। यह था मामला ग्रामीणों का आरोप है कि ड्राइवर विमल मीणा (26) पुत्र मोहन लाल मीणा मंगलवार शाम सवा छह बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गांव भरकर गुराई की ओर से बालागढ़ स्थित अपने घर आ रहा था। नगरफोर्ट की ओर से नगरफोर्ट थाने की 112 नंबर पुलिस गाड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पास आकर रुकी और ड्राइवर को रुकने का इशारा किया। ड्राइवर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक लिया। बताया गया कि ट्रैक्टर ट्रॉली में टेप रिकॉर्डर तेज आवाज में चलाने पर पुलिस जवानों ने विमल को ट्रैक्टर से उतारकर पुलिस गाड़ी में बैठा लिया। उसके बाद उसे बालागढ़ में उतार दिया। इस दौरान उसकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक पुलिसकर्मी चलाकर के जाने लगा। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि ड्राइवर विमल ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवा रहा था, लेकिन पुलिसकर्मी ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहीं रोका और सीधे उसके ऊपर चढ़ा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। यह देख पुलिसकर्मी ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने ले गया। यह भी पढ़ें ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से ड्राइवर की मौत:ग्रामीणों का आरोप-पुलिसकर्मी ने रौंद डाला, शव को सड़क पर रखकर लगाया जाम नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पुलिसकर्मी द्वारा ट्रैक्टर ड्राइवर की ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। यह आरोप मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने लगाया है। ड्राइवर की मौत से गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर दूनी-नगरफोर्ट रोड पर जाम लगा दिया। प़ढ़ें पूरी खबर … इनपुट : अविनाश मीणा


