रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के साथ ही न्यायालयीन सख़्ती का असर सोमवार से दिखने लगा। सेंट्रल जोन अंतर्गत कोतवाली और सिविल लाइन कोर्ट में सहायक पुलिस आयुक्तों ने कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए पहले ही दिन 21 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान लोक शांति भंग करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए वारंट तैयार कर तामील भी कराई गई। एसीपी कोतवाली ने जारी किया जेल वारंट एसीपी कोतवाली ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 एवं 135(3) के तहत एक प्रकरण में दो अनावेदकों के खिलाफ जेल वारंट जारी किए। साथ ही दोनों को कारण बताओ नोटिस विधिवत तामील कराया गया। इसके अलावा धारा 126 एवं 135(3) के तहत पांच अन्य मामलों में कुल 13 अनावेदकों को समन और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जिन्हें कमिश्नरी प्रणाली के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से तामील कराया गया। एसीपी सिविल लाइन ने नोटिस जारी किया वहीं, एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू ने भी लोक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए छह अनावेदकों को धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किए। इन सभी मामलों में समन और नोटिस समयबद्ध तरीके से तामील कराए गए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई। लॉ एंड आर्डर लागू करने न्यायालयीन कार्यवाही होगी तेज पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरी व्यवस्था के तहत अब न्यायालयीन कार्यवाही अधिक प्रभावी और तेज होगी। इसका उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना है। सार्वजनिक स्थानों पर झगड़ा, उपद्रव, मारपीट और शांति भंग करने जैसी घटनाओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ अब तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


