त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पहले चरण में बालोद जिले के डौंडीलोहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 08 में पुनर्मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे लेकर सूचना जारी कर दी है। दरअसल, ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 में मत पत्र में छपे चुनाव चिन्ह को लेकर गड़बड़ी पाई गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी की जांच के बाद 17 फरवरी 2025 को हुए मतदान को शून्य घोषित कर दिया। अब यहां 23 फरवरी को फिर से वोटिंग होगी। दरअसल, वार्ड क्रमांक आठ में पंच पद के लिए शकुन बाई देशमुख और साधना बाई देशमुख प्रत्याशी हैं। चुनाव चिन्ह आवंटन के समय शकुन बाई देशमुख को चुनाव चिन्ह सीढ़ी मिला था। साथ ही इसका नाम पहले क्रम पर था, लेकिन जब मत पत्र में देखा तो शकुन बाई को फावड़ा निशान मिल गया और मत पत्र में दूसरे नंबर पर भी इनका नाम छपा हुआ मिला। इसे लेकर शकुन बाई ने आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा ने कांग्रेस की जिलाध्यक्ष को हराया इधर, पंचायत चुनाव के पहले चरण में बालोद में भाजपा ने कांग्रेस की जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर को चुनाव हरा दिया। वहीं पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा एलएलबी की छात्रा नीलिमा श्याम की जीतने की रही। बता दें सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत पहले चरण में डौंडी और डौंडीलोहारा ब्लॉक के 6 जिला पंचायत सदस्यों के लिए वोटिंग हुई है। काउंटिंग के बाद 5 सीटों की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। वहीं एक सदस्य के पद के लिए 18 बूथों में वोटिंग होना बाकी है। इसमें 2 में भाजपा, 2 में निर्दलीय, 1 में कांग्रेस की जीत हुई है। कानून की पढ़ाई कर रही छात्रा ने 7 हजार वोटों से हराया गुजरा की रहने वाली नीलिमा श्याम बालोद कॉलेज एलएलबी की छात्रा है। सुदूर आदिवासी अंचल में अवेयरनेस कार्यक्रम चलाती है। अक्सर ग्रामीण सुदूर अंचल के मुद्दों को उठाने के नाम से जानी जाती हैं। कानून की पढ़ाई के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करते नजर आती है। नीलिमा बगैर राजनीतिक अनुभव के चुनाव लड़ी और भाजपा-कांग्रेस के दिग्गजों को 7 हजार वोटों से हरा दिया। पहली बार चुनाव लड़ी और दिग्गजों को हराया समाजसेवी नीलिमा श्याम जिला पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 11 भर्रीटोला से पहली बार चुनाव लड़ी और 15 हजार के करीब वोट प्राप्त की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिता कमेटी, पूर्व मंत्री एवं डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया की भतीजी कांग्रेस प्रत्याशी दीपा रावटे को रिकॉर्ड तोड़ 7 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया है। इस सीट से कुल 4 प्रत्याशी मैदान में थे। जीत के आंकड़े बढ़ या घट सकते हैं। लेकिन यह सीट पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। महाराजपुर क्षेत्र से हारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष कांग्रेस की जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर महराजपुर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से अधिकृत होकर मैदान में थी। जिन्हें 2700 से अधिक वोटों से भाजपा की प्रभा रामलाल नायक से हार का सामना करना पड़ा। पिछले चुनाव में चंद्रप्रभा ने जीत हासिल की थी। इस बार हार गई। टिकट नहीं मिला, निर्दलीय लड़कर जीते मिथलेश अनुसूचित जनजाति मुक्त के लिए आरक्षित जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 12 नर्राटोला में कांग्रेस कोमेश कोर्राम को अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथलेश नुरूटी को टिकट नहीं मिला। लेकिन वे निर्दलीय चुनाव लड़े और कांग्रेस के कोमेश, भाजपा के महावीर ठाकुर, ईश्वर सिंह घरेंद्र, राजेश रावटे को हरा कर विजयी बने। मुढ़िया में कांग्रेस की प्रतिभा हारी, भाजपा की चुन्नी जीतीं जिला पंचायत क्षेत्र 7 मुढ़िया में कांग्रेस की प्रतिभा कोमिया व भाजपा की चुत्री मानकर के बीच सीधी टक्कर हुई। चुन्नी मानकर ने जीत हासिल की है। हार-जीत का अंतर 20 फरवरी को स्पष्ट होगा। धनगांव से कांग्रेस नेता राजाराम तारम आगे जिपं क्षेत्र 8 धनगांव में कांग्रेस के राजाराम तारम, भाजपा के होरीलाल रावटे के अलावा गैंदसिंह ठाकुर, श्याम सिंह नेताम कुल 4 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां लगभग 376 वोटों से राजाराम तारम आगे चल रहे थे। कांग्रेस का दावा है कि अधिकृत प्रत्याशी राजाराम तारम ने जीत हासिल की है। वहीं भाजपा के अधिकृत होरीलाल रावटे की हार हुई है। पिछला चुनाव जीतकर होरीलाल सदस्य बने थे। देवरीद में 18 बूथों का बचा हुआ है मतदान जिला पंचायत के क्षेत्र 5 देवरीद में कांग्रेस के गुलशन चंद्राकर, भाजपा के पोषण बनपेला के अलावा पुरुषोत्तम मारकंडेय, रोमेश दास देशलहरा, मुकेश मुकेश सिन्हा कुल 5 प्रत्याशी मैदान में है। यहां के आधे बूथों में वोटिंग हो चुकी है, 18 बूथों में वोटिंग होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। इस क्षेत्र के जिन बूथों में वोटिंग हुई है। वहां किसको कितने वोट मिले है, इस संबंध में कोई बता नहीं पा रहे है। 23 फरवरी के बाद पता चलेगा अध्यक्ष कौनसी पार्टी का होगा बालोद, गुरुर और गुंडरदेही ब्लॉक में 20 और 23 को मतदान होगा। वोटर्स पंच, सरपंच, जनपद के अलावा जिला पंचायत के 8 सदस्य के लिए वोट करेंगे। जिसके चलते 23 के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि जिला पंचायत में अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन सी पार्टी कब्जा करेगी।


