छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र में डकैतों ने एक रिटायर्ड प्रधानपाठक के घर को निशाना बनाया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान हुई इस वारदात में डकैतों ने 12 लाख रुपए के जेवर और नकदी पर हाथ साफ किया। मसना गांव निवासी द्वारिका दास वैष्णव दो माह पहले ही प्रधानपाठक के पद से रिटायर हुए हैं। वे अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ रहते हैं। मंगलवार रात करीब 8 बजे द्वारिका दास के घर से बाहर जाने का फायदा उठाते हुए तीन नकाबपोश घर में घुस गए। डकैतों ने पहले द्वारिका दास की पत्नी को एक कमरे में बंद कर दिया। जब द्वारिका दास घर लौटे तो उन्हें भी बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया गया। इसके बाद डकैतों ने घर की आलमारियों से बेटी की शादी के लिए रखे 10 तोला सोना, 1 किलो चांदी के जेवर और 3 लाख रुपये नकद लूट लिए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जब पुलिस की व्यापक तैनाती होनी चाहिए थी, तब भी अपराधी इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे। घटना के बाद पुलिस रूटीन जांच में जुटी है। बेटी की शादी के लिए रखे थे गहने
पीड़ित प्रधानपाठक के मुताबिक उनके यहां अप्रैल में बेटी का विवाह था। जिसको लेकर जेवर की खरीदी की गई थी। डकैतों ने लगभग 10 तोला सोने के जेवर, 1 किलो चांदी के जेवर समेत 3 लाख नगदी रकम लूटकर फरार हो गए। इस पूरी घटना में लगभग 12 लाख रुपयों के लूट को अंजाम दिया गया है। अज्ञात नकाबपोशों ने दिया घटना को अंजाम
बताया जा रहा है कि इस घटना में लगभग 6 अज्ञात नकाबपोश 2 मोटरसाइकिल में आए थे। जिनमें से 3 घर के अंदर चाकू और बंदूक लेकर दाखिल हुए जबकि बाकी के 3 नकाबपोश घर के बाहर ही थे। घटना के बाद पीड़ित दंपती ने मामले की जानकारी आसपास के पड़ोसी और अपने रिश्तेदारों को दी। इसके बाद पीड़ित संपत्ति ने मामले की शिकायत लोरमी थाना पुलिस में की। एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
डकैती की इतनी बड़ी वारदात होने से पुलिस अलर्ट हो गई। इसके बाद घटनास्थल पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिले के एसपी भोजराम पटेल ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम भी घटनास्थल पहुंचकर जांच में जुट गई है। मतदान के दो दिन पहले घटना
लोरमी इलाके में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर गुरुवार को मतदान होना है। मतदान के ठीक 2 दिन पहले डकैती की इतनी बड़ी वारदात ये बताने के लिए काफी है कि जिले में पुलिसिंग का क्या हाल है। ऐसे में खुलेआम डकैती की घटना को अंजाम देने वाले डकैतों की इस चुनौती का जवाब पुलिस किस तरह दे पाती है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन जिस तरह से बेखौफ होकर अज्ञात नकाबपोशों ने इस घटना को अंजाम दिया है वो कहीं ना कहीं पुलिस व्यवस्था पर सवार खड़े कर रहा है।


