भिंड जिले के मौ थाना क्षेत्र में 2 फरवरी को सामने आए महिला के सिर कटे शव के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। बेहटा रोड के पास मिले बिना सिर के धड़ ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। शव की पहचान न होना और सिर अलग बरामद न होने के कारण यह मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। जांच में सामने आया कि इस जघन्य हत्या को किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि मृतका के पति ने अपने भाई, रिश्तेदार और एक मित्र के साथ मिलकर अंजाम दिया। हत्या के पीछे पत्नी द्वारा दूसरे युवक से विवाह करना और उससे उपजा आक्रोश व सामाजिक अपमान कारण बताया गया है। प्रेम प्रसंग और दूसरी शादी बना हत्या का कारण
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रूबी पासवान के रूप में हुई थी। उसकी शादी झांकरी निवासी होतम सिंह कुशवाहा से हुई थी। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र लगभग 6 और 3 वर्ष बताई गई है। शादी के कुछ वर्षों बाद रूबी का अपने दूर के रिश्तेदार लवकुश कुशवाहा से प्रेम संबंध हो गया। करीब छह माह पहले उसने सेवढ़ा के एक मंदिर में लवकुश से दूसरी शादी कर ली और उसके साथ रहने लगी। 18 जनवरी को रूबी अपने बच्चों को लेने जम्मू स्थित पहले पति होतम के पास पहुंची थी। इसी दौरान होतम ने पत्नी की दूसरी शादी से आहत होकर हत्या की साजिश रच डाली। टोल प्लाजा के पास की वारदात
योजना के तहत होतम ने अपने भाई राजकुमार कुशवाहा, छोटू कुशवाहा निवासी डोड़नपुरा और नीरज धानुक निवासी बिलाव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। मौ थाना क्षेत्र के बेहटा रोड टोल प्लाजा के पास आरोपियों ने पहले बच्चों को बहाने से अलग किया और फिर रूबी का गला रेत दिया। हत्या के बाद महिला का धड़ मौके पर छोड़ दिया गया, जबकि सिर को कंबल में लपेटकर बरासो थाना क्षेत्र की बेसली नदी में फेंक दिया गया, ताकि पहचान न हो सके। जब पुलिस को महिला का धड़ मिला तो पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। मृतका के हाथ पर गुदे शब्दों के आधार पर फोटो वायरल की गईं। इसी माध्यम से मृतका की पहचान हुई। मृतका के दूसरे पति लवकुश कुशवाहा ने पुलिस से संपर्क कर शिनाख्त की, जिसके बाद जांच में तेजी आई। पहले पति होतम से पूछताछ में उसने शुरुआत में अनभिज्ञता जताई, लेकिन बच्चों से अलग-अलग बातचीत और सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद अन्य तीनों आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हो गई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था
थाना प्रभारी रघुवीर मीणा ने बताया कि यह एक जटिल अंधा कत्ल था। महिला की पहचान न होने से जांच चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो और हाथ पर लिखे शब्द केस सुलझाने में निर्णायक साबित हुए। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि तकनीकी साक्ष्य और लगातार पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है।


