हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचईसी) के पुनरुद्धार को लेकर संसद की औद्योगिक स्थायी समिति 20 फरवरी को नई दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है। यह बैठक संसद भवन एनेक्सी में आयोजित होगी, जिसमें झारखंड की मुख्य सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव और एचईसी के सीएमडी भी शामिल होंगे। समिति के अध्यक्ष तिरुचि शिवा की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक एचईसी के भविष्य और वित्तीय सुधार के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। प्रबंधन सूत्रों के अनुसार, बैठक में एचईसी के पुनरुद्धार का रोडमैप मुख्य एजेंडा होगा। कंपनी ने पहले ही विस्तृत योजना तैयार कर रखी है, जिसमें मुख्य रूप से 500 एकड़ जमीन को राज्य सरकार को हस्तांतरित कर करोड़ों रुपए जुटाना शामिल है। यह जमीन राज्य सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए खरीदी जाएगी। इसके अलावा, बैठक में राज्य सरकार के बकाया लगभग 300 करोड़ रुपए बिजली बिल, कामगारों को बकाया वेतन का भुगतान, मशीनों के आधुनिकीकरण और कार्यशील पूंजी बढ़ाने के उपाय भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे। एचईसी 28 एकड़ भूमि पर मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना भी पेश कर सकता है। इसके अलावा, पिछली बैठक में मजदूर यूनियनों द्वारा सुझाए गए सुधारों पर भी विचार किया जाएगा। एचईसी की ऐसेट और लायबिलिटी देखी जाएगी। प्रबंधन सूत्रों का कहना है कि यह बैठक एचईसी की दिशा तय करने और कंपनी के स्थायी विकास के लिए एक निर्णायक कदम साबित होगा। एचईसी के पास अभी 550 करोड़ का वर्कऑर्डर
वर्तमान में एचईसी के तीनों प्लांट्स में लगातार काम चल रहे हैं। भेल हैदराबाद और इलाहाबाद से भी नियमित रूप से वर्कऑर्डर मिल रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि एचईसी के पास कार्य की कोई कमी नहीं है। कंपनी के पास करीब 500 करोड़ के वर्कऑर्डर पहले से मौजूद हैं। प्रति माह दस से 20 करोड़ रुपए के उत्पादों का डिस्पैच हो रहा है। एचईसी के पास भेल, एनसीएल, बीसीएल, सीसीएल आदि के भारी-भरकम कार्यादेश हैं। इसे पूरा करने में कामगार और अफसर जोर-शोर से लगे हैं।
साल दर साल ऐसे बढ़ता जा रहा घाटा
साल करोड़ 2019-20 405 2020-21 175 2021-22 250 2022-23 230 2023-24 275 2024-25 225 एचईसी पर है 2067 करोड़ रुपए की देनदारी
एचईसी इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कंपनी का घाटा बढ़ रहा है। पिछले वित्त वर्ष तक एचईसी की देनदारी 2067 करोड़ रुपए है। इसमें बड़ा हिस्सा कामगारों का बकाया वेतन, बिजली बिल, बैंक का कर्ज आदि शामिल हैं। मालूम हो कि एचईसी के कामगारों का करीब 29 माह का वेतन बकाया है। एचईसी पर 200 करोड़ रुपए का बिजली बिल भी बकाया है।
नोट : राशि करोड़ रुपए में एचईसी के पुनरुद्धार पर फाइनल बात होगी : यूनियन हटिया प्रोजेक्ट यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि एचईसी के पास करीब 1600 एकड़ अविकसित व खाली जमीन है। इसे बेचने से प्राप्त राशि से कंपनी के घाटे को कम करने और संचालन में मदद किए जाने की योजना है। इसकी देनदारी 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा है। यदि एचईसी अपनी जमीन बेचता है तो यह पूरी तरह से पटरी पर आ जाएगी। वहीं, एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि इस बार एचईसी के पुनरुद्धार पर फाइनल बात हो सकती है।


