‘अज्ञान-अहंकार का त्याग ही साधना’

भास्कर न्यूज | अमृतसर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से प्राचीन शिव मंदिर, वेरका में आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। श्रद्धा-भक्ति से सराबोर समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा ले आध्यात्मिक चेतना का अनुभव किया। साध्वी गंगाधरी भारती ने भगवान शिव के वास्तविक स्वरूप और महाशिवरात्रि के गूढ़ आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल बाहरी अनुष्ठानों या व्रत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर सोई हुई दिव्य चेतना को जागृत करने का अवसर है। साध्वी ने विस्तार से समझाया कि अपने भीतर के अज्ञान, क्रोध और अहंकार जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग करना ही सच्ची साधना है। उन्होंने वर्तमान समय के तनावपूर्ण जीवन में ध्यान और साधना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब मनुष्य भीतर की दिव्यता को पहचान लेता है, तभी उसे वास्तविक आनंद और संतोष प्राप्त होता है। सत्संग के दौरान प्रस्तुत किए गए मधुर शिव भजनों ने पूरे वातावरण को ध्यानमय बना दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और लोगों को आत्मज्ञान के मार्ग पर अग्रसर करना था।

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